शिवराज ने कमलनाथ पर हमला बोला, – ये मध्यप्रदेश सरकार कुबेर का खजाना हैं क्या, जो मैंने लूट लिया !
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 शिवराज ने भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र 

भोपाल। प्रदेश की 28 सीटों में सबसे हाॅट मानी जाने वाली सीट सांवेर में कमल खिलाने के लिए भाजपा पूरी ताकत लगा रही है, लेकिन भाजपा के कई कार्यकर्ता बदले सियासी समीकरण में तुलसी सिलावट के लिए एकजुट नहीं हो रहे हैं। ऐसे में खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाजपाइयों काे एकजुट करने गुरुवार काे इंदाैर आए। बायपास स्थित गार्डन में मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र दिया। शिवराज ने कहा कि भाजपा हमारी मां है और इसके दूध की लाज रखना है। इस मौके पर पंडितों ने मंत्रोच्चार के साथ बूथ लेवल, पन्ना प्रभारियों, मंडलों और हजारों कार्यकर्ताओं को सुपारी हाथ में देकर जीत का संकल्प दिलाया। मुख्यमंत्री ने भी पूर्व लोस स्पीकर के पैर पड़कर आशीर्वाद लिया।

कोई औरंगजेब का खजाना था जो मामा लूट कर ले गया
शिवराज ने कहा कि कमलनाथ के जमाने में फसल खराब हुई तो उन्होंने राहत राशि नहीं दी। अभी जो सोयाबीन की फसल खराब हुई है, उसके 4 हजार करोड़ किसानों के खाते में डालूंगा। हमने छह महीने की सरकार में अब तक मोटा-मोटा 21 हजार 640 करोड़ रुपए किसानों के लिए दिए हैं। सांवेर में ही अकेले 22 करोड़ रुपए नर्मदा योजना के लिए दिए। वे कहते थे कि पैसे ही नहीं हैं, मामा ले गया। मैं पूछता हूं क्या औरंगजेब का खजाना था जो मामा लूट कर ले गया। मैं कहता हूं पैसे की कमी ही नहीं है। जब देखो रोते रहते थे पैसे ही नहीं हैं। मुख्यमंत्री ऐसा रोने वाला चाहिए क्या आपको। पैसे नहीं हैं तो रास्ता निकालो नहीं तो तुम काहे के मुख्यमंत्री। हां दिक्कत है, लेकिन हमने रास्ता निकाला।

मरी चुहिया लेकर घूम रहे, बोलते हैं कर्जा माफ किया
शिवराज ने कहा कि कमलनाथ कहते थे कि सबका कर्ज माफ… खोदा पहाड़ निकली चुहिया वह भी मरी हुई। मरी हुई चुहिया लेकर घूमते हुए कह रहे सबका कर्जा माफ… दिया कब, मूर्ख बनाते हो, झूठ बोलते हो। यह किसानों को साफ कह दो। कोरोना में कांग्रेस ऐसी खरीदी कर सकती थी क्या। एक करोड़ 29 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदकर पंजाब को पीछे छोड़ दिया। कमलनाथ ने कर्जमाफी के झूठे सर्टिफिकेट बंटवाए और बैंकों में पैसे मैंने भरे। कांग्रेस हम पर गद्दारी का आरोप लगाती है, दिग्विजय कमलनाथ ने वल्लभ भवन को दलालों का अड्डा बना दिया था। इसलिए सिंधिया ने कमलनाथ को सड़क पर ला दिया। हमने सरकार गिराने का नहीं सोचा, ये फैसला सिंधिया और तुलसी सिलावट ने किया।

किसानों को दिए पैसों का पूरा हिसाब जुड़वाया
शिवराज ने कमलनाथ के 15 महीने और अपने चौथे कार्यकाल के 6 महीने किसानों को दिए पैसों का पूरा हिसाब जुड़वाया। तुलसी सिलावट की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि ये सरकार नहीं गिराते तो भाजपा की सरकार भी नहीं बनती। 23 को मैंने शपथ ली, 29 मार्च को फाइल खोलकर देखी तो पता चला कि 2018 के फसल बीमा योजना का प्रीमियम 2200 करोड़ रुपए कमलनाथ ने नहीं भरे। इसलिए किसानों को रुपए नहीं मिल रहे थे। कोरोना की कड़की में भी हमने प्रीमियम भरकर 3100 करोड़ किसानों के खाते में डलवाए। 2019 के प्रीमियम को जमा करवाकर फिर हमने 4688 करोड़ रुपए 22 लाख किसानों के खाते में डलवाए।

तुलसी दूध में शक्कर की तरह पार्टी में मिल गए
मुख्यमंत्री ने कहा – तुलसी तुम भी दूध में शक्कर की तरह एक हो गए यार। कहां फंसे थे अब तक। तुम्हारी सही जगह तो यही थी। तुलसी पार्टी के साथ समरस हो गए हैं। सवा साल तक हमारे कार्यकर्ताओं के साथ अत्याचार और अन्याय हुआ। याद करो कैसे आपके सम्मान से खेला गया। हमारी विचारधारा पर प्रहार किया गया। सत्ता के नशे में चूर ये लोग किसी के खिलाफ एफआईआर, किसी का मकान गिराने, तोड़ने में लगे हुए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं को कुचलने की कोशिश की, लेकिन भाजपा के कार्यकर्ता ऐसे हैं, अगर ठान लें तो दुनिया में भी कुछ असंभव नहीं है।

भाजपा हमारी मां, इसके दूध की लाज रखना
शिवराज ने कार्यकर्ताओं से कहा कि भाजपा हमारी मां है और इसके दूध की लाज रखना। ये चुनाव तुलसी सिलावट नहीं कमल के फूल का है। चुनाव शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री बनाए रखने का चुनाव है, तुलसी सिलावट निमित्त मात्र है, ये चुनाव एक एक कार्यकर्ता का है। शिवराज ने भाजपा कार्यकर्ताओं से कहा कि 3 तारीख का समय अपने मामा और भाजपा को दे दो। पन्ना और बूथ प्रभारियों से जीत का संकल्प लिया।

खासगी ट्रस्ट की जमीन बेचने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी

सीएम बोले – खासगी ट्रस्ट की जमीन ग़लत तरीके से ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों द्वारा कौड़ियों के दाम में बेची जा रही थी। जबकि यह उनके में ही नहीं है। इसलिए हमारी सरकार हाईकोर्ट कोर्ट गई। पूरे तथ्यों के साथ तर्क रखे और वहां से फ़ैसला सरकार के पक्ष में आया था। खासगी ट्रस्ट की यह संपत्ति किसी की जागीर नहीं है। इसमें गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिसने गड़बड़ी की है,उस पर जल्द कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

यह चुनाव मेरा नहीं, शिवराज को स्थाई सीएम बनाने का है
मंत्री तुलसी सिलावट ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि परिवर्तन प्रकृति के नियम हैं। ये चुनाव मध्यप्रदेश के विकास और प्रगति का है। पिछली सरकार ने किसानों के साथ छलकपट किया था, उसका बदला लेने का है। ये चुनाव तुलसी सिलावट का नहीं है, ये चुनाव मुख्यमंत्री का है, ये चुनाव शिवराज को स्थाई मुख्यमंत्री बनाने का है। देश मे अगर भाजपा की सरकार नहीं होती ताे नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं होते और ना तो राम मंदिर बनता। सिलावट ने भाजपाइयों और सीएम शिवराज को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जब तक सिलावट के शरीर में खून है, तब तक वाे भाजपा की शरण में हैं। भाजपा मेरी मां है।

ताई बोलीं – हम सांवेर सीट जरूर जीतेंगे
वहीं पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि मैं भाजपा कार्यकर्ताओं को देखने आई हूं और फिर दौरा करने भी आऊंगी। उन्होंने पन्ना प्रमुखों और मंडल कार्यकर्ताओं को बड़ी आसान भाषा मे इंदौर संभाग में भाजपा की हार याद दिलाते हुए नसीहत दी। उन्होंने कहा कि एक-एक सीट महत्वपूर्ण होती है। वहीं, उन्होंने तुलसी सिलावट को लेकर कहा कि जब वे कांग्रेस में थे तब भी हम मानते थे कि कार्यकर्ता अच्छा है। राजमाता आज भी भाजपा की वंदनीय हैं। आज दादी मां की राह पर काम करने लिए अगर पोता चल पड़ा है तो उसका स्वागत हमें करना है। ताई ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाते हुए कहा कि कुछ भी हो जाए हम सांवेर सीट जिताएंगे।