बाढ़ और वर्षा की स्थिति पर शिवराज सिंह ने समीक्षा बैठक की
मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में अतिवृष्टि और बाढ़ की स्थिति की वरिष्ठ अधिकारियों
के साथ आज समीक्षा की। उन्होंने स्थिति पर सतत नजर रखने और सभी जरूरी व्यवस्थाएँ
24 घंटे मुस्तैद रहने के निर्देश दिये। साथ ही प्रभावितों के रहने और भोजन की
व्यवस्था अस्थायी शिविरों में करने तथा शुद्ध पेयजल और बीमारियों से बचाव की
व्यवस्था करने के निर्देश दिये। इस मौके पर राजस्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता भी
उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री
ने प्रदेश में अतिवृष्टि से उत्पन्न स्थिति की जिलेवार जानकारी ली। बताया गया कि
प्रदेश में स्थिति नियंत्रण में है और तेजी से सामान्य हो रही है। श्री चौहान ने
सभी जिला कलेक्टरों को अतिवृष्टि से निपटने की सभी तरह की सतर्कता बरतने और आगे की
स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिये। उन्होंने अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्र का
सर्वे कर नुकसानी का आंकलन कर राहत राशि मुहैया करवाने के निर्देश दिये। लोक
स्वास्थ्य और स्थानीय शासन विभाग को युद्धस्तर पर बीमारियों पर नियंत्रण रखने,
जरूरी दवाईयों की व्यवस्था करने तथा शुद्ध पेयजल की
उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये हैं।
मुख्यमंत्री
ने कंट्रोल रूम 24 घंटे कार्यरत रहने तथा लोगों के फोन आने पर त्वरित जरूरी
कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने कंट्रोल रूम में आने वाले फोन और की गयी
कार्रवाई की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ में अपनी सेवाएँ देने वाले
प्रशिक्षित होमगार्ड के जवानों को फिर से काम पर रखने का फैसला किया गया है ताकि
बाढ़ और अतिवृष्टि की परिस्थितियों से कारगर ढंग से निपटने में उनकी सेवाएँ ली जा
सकें। उन्होंने नदी नालों के किनारे बने वाटर फिल्टर प्लांट को हमेशा खतरे के
निशान से ऊपर स्थापित करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री
ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को उन्होंने प्रदेश में अतिवृष्टि से
उत्पन्न स्थिति से दूरभाष पर अवगत करवाया है। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय और रेल
लाईनों की स्थिति के संबंध में रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी पत्र के माध्यम से
अवगत करवायेंगे।
चौहान ने कहा
कि जिन गरीब लोगों का अनाज और राशन सामग्री वर्षा से खराब हो गयी है,
उन्हें सस्ता अनाज उपलब्ध करवाया जायेगा। जो लोग नदी नालों
में रह रहे हैं उनकी अभी अस्थायी व्यवस्था की जायेगी बाद में उनके रहने की स्थायी
व्यवस्था करने पर विचार किया जायेगा। उन्होंने कहा कि सरकार आपदा पीड़ित लोगों के
साथ है। उनकी हरसंभव मदद की जायेगी।
इस अवसर पर
बताया गया कि रीवा एवं सागर संभाग में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है तथा
भोपाल संभाग में भी स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। विदिशा एवं रायसेन जिले के
कुछ मार्गों में पानी भरा है जो तेजी से कम हो रहा है। नर्मदा भी खतरे के निशान से
नीचे है तथा प्रदेश के अन्य जिलों में स्थिति सामान्य है। उन्होंने बताया कि
अतिवृष्टि एवं बाढ़ से पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 7 व्यक्ति की मृत्यु एवं रीवा
संभाग में 3 व्यक्ति की बह जाने की जानकारी मिली है। प्रदेश में आपदा प्रबंधन दल
पूरी तरह मुसतैद है। दल द्वारा चार हजार से ज्यादा लोगों को बचाकर सुरक्षित
स्थानों पर पहुँचाया गया है।

 

बैठक में
मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा, पुलिस महानिदेशक ऋषि कुमार शुक्ला,
पुलिस महानिदेशक आपदा प्रबंधन मैथिलीशरण गुप्त,
अपर मुख्य सचिव गृह बी.पी.सिंह,
अपर मुख्य सचिव नर्मदा घाटी रजनीश वैश्य,
अपर मुख्य सचिव जल संसाधन राधेश्याम जुलानिया,
प्रमुख सचिव राजस्व के.के.सिंह,
प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री इकबाल सिंह बैंस एवं श्री एस.के.
मिश्रा,
प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री मलय श्रीवास्तव,
सचिव मुख्यमंत्री श्री विवेक अग्रवाल उपस्थित थे।