MP : कोरोना संकटकाल में प्रदेश के कर्मचारियों को शिवराज सरकार का तोहफा

भोपाल। कोरोना संकटकाल में प्रदेश की शिवराज सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने फैसला किया है कि पदोन्नति के बाद भी सभी अधिकारी-कर्मचारियों को सेवाकाल में समयमान वेतनमान का लाभ दिया जाएगा। वित्त विभाग ने समयमान वेतनमान के नियमों में बदलाव कर नए नियम जारी किए हैं। वहीं यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से प्रदेश में लागू भी कर दी गई है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों अधिकारी-कर्मचारियों में ख़ुशी की लहर है।

दरअसल वित्त विभाग ने कोरोना संकटकाल में समयमान वेतनमान के नियमों में बदलाव किया है। नए नियम के अनुसार अब अधिकारी-कर्मचारियों को पदोन्नति के बाद भी समयमान वेतनमान का लाभ मिलता रहेगा ये व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दी गई है। शुरूआती दौर में एक लाख अधिकारी कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा।

इससे अधिकारियों को सेवाकाल में समयमान वेतनमान से हर 8 से 10 साल की सेवा के बाद महीने में 2 हजार से लेकर 5 हजार और कर्मचारियों को एक से तीन हजार रुपए का फायदा होगा। वहीं यदि 8 साल में कर्मचारी को पहला प्रमोशन मिलता है तो अगला द्वितीय समयमान वेतनमान 18 साल की सेवा के बाद और तीसरा 30 साल की सेवा के बाद मिलेगा।

ऐसा मिलेगा लाभ

नौकरी में आने के बाद अगर किसी अधिकारी को 5 साल बाद प्रमोशन मिल जाता है तो उसे दूसरा समयमान वेतनमान 13 साल पूरे होने पर और तीसरा 27 साल की सेवा के बाद मिल जाएगा। अगर किसी अधिकारी को 20 साल में दूसरा प्रमोशन मिलता है तो उसे तीसरा समयमान वेतनमान 30 साल की नौकरी के बाद मिलेगा। वही यदि 8 साल में कर्मचारियों को पहला प्रमोशन मिलता है तो दूसरा समयमान वेतनमान 18 साल की सेवा के बाद और तीसरा 30 साल की सेवा के बाद मिल जाएगा।

बता दें कि पिछले नियम के अनुसार यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी की पदोन्नति हो जाती थी तो उसे समयमान वेतनमान मिलेगा या नहीं। इस मामले में काफी दिक्कत होती थी। साथ ही ये स्पष्ट भी नहीं था कि इसका लाभ किस तरह से दिया जाएगा, लेकिन नए नियम के बदलाव के साथ ही सरकार ने ये स्पष्ट किया है कि किस तरह अधिकारी-कर्मचारियों को समयमान वेतनमान का लाभ मिलेगा।