शिवराज सिंह की नागपुर में पेशी
भोपाल। मध्य
प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को अचानक नागपुर स्थित संघ (RSS)
मुख्यालय में तलब कर लिया गया है। राजनैतिक हल्कों में माना
जा रहा है कि शिवराज सिंह से संघ के आला नेताओं द्वारा मध्य प्रदेश में हालिया
मंत्रिमंडल विस्तार से उपजे असंतोष पर जवाब मांगा गया है। शिवराज सिंह अपनी सफाई
देने के लिए नागपुर पहुंच गए हैं।
सूत्रों के
मुताबिक शिवराज वह नागपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन
भागवत एवं भैय्या जी जोशी से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ एक
आला अधिकारी ने इसकी पुष्टि की है।
प्रदेश में
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद बाबूलाल गौर एवं सरताज सिंह को 75 वर्ष की उम्र पार
करने का हवाला देकर मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। इसी के साथ
कांग्रेस से आये संजय पाठक को मंत्री बनाए जाने से भाजपा के भीतर तलवारें खिंच
गईं। शिवराज सिंह ने अपने वरिष्ठ नेताओं को खुश करने के चक्कर में कई ऐसे विधायकों
को मंत्री नहीं बनाया जो वरिष्ठता एवं योग्यता के मापदण्ड पर खरे उतर रहे थे,
जिसके कारण भाजपा में असंतोष फैल गया।

शिवराज सिंह
चौहान द्वारा किये गये विभागों के वितरण में भी मंत्रियों की नाराजगी खुलकर सामने
आई है। उद्योग मंत्रालय छिनने से नाराज यशोधरा राजे सिंधिया ने कैबिनेट की बैठक के
दौरान उग्र तेवर अपना लिये, जिसे बड़ी मुश्किल से शिवराज सिंह ने डायवर्ट किया।
मंत्रिमण्डल विस्तार से नाराज विधायकों एवं मंत्रियों की नाराजगी भांपने के लिए
संघ ने तीन पदाधिकारियों को दो दिन से मध्यप्रदेश में तैनात कर रखा था। जिसके बाद
आज शिवराज को नागपुर तलब किया जाना इसी घटनाक्रम का हिस्सा माना जा रहा है।