वैक्सीन न आने तक बचाव को ही इलाज समझें लोग: स्वास्थ्य मंत्रालय

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Corona Virus) को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि लोगों को कोरोना वायरस (Corona Virus) के दौर में जीना सीखना होगा. कोरोना से लड़ाई के तरीकों को आम ज़िन्दगी में शामिल करना होगा. उन्होंने कहा कि जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती तब तक बचाव के तरीकों को ही वैक्सीन समझें. इसके साथ ही जानकारी दी गई कि देश के 70 जिलों में सीरो सर्वे शुरू होगा.

स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने कहा कि आने वाले दिनों में और त्यौहार आयेंगे. परीक्षाएं भी हो रही हैं. इसलिए समुदाय के स्तर पर भी कोरोना वायरस से लड़ने की कोशिशें होनी चाहिए. कोविड के दौर में जीना सीखना होगा. जब तक वैक्सीन नहीं आती है तो इसे ही इन तरीकों को ही इससे दूर रहने का इलाज समझें. लोग सामाजिक दूर रखें, हाथ धोते रहें. मास्क पहनें. हाथ धोते रहें, चाहे हाथ गंदे हों या न हों. कन्टेनमेंट ज़ोन में पाबंदियां रहेंगी. बाकी अधिकांश जगह सब खुल रहा है. ऐसे में सावधानी बरतने की ज़रूरत है. 

दिल्ली में मामले बढ़े हैं, इसलिए फिर से दिल्ली सरकार से बात की जा रही है. दिल्ली में अचानक मामले बढ़ना चिंता का विषय है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार से इस बारे में फिर से चर्चा की जा रही है. बता दें कि कुछ दिन पहले तक दिल्ली में एक हज़ार के आसपास मामले सामने आने लगे लेकिन अब दो हज़ार से अधिक मामले सामने आने लगे हैं. इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. आज कोरोना वायरस के 84 हज़ार से अधिक मामले सामने आये हैं. जबकि एक हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है. देश में कोरोना वायरस के 38 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं. जबकि 67 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.