छोटे व्यापारियो को नही लगेगा जी.एस.टी.- संयुक्त सचिव श्री पिंगुवा

होशंगाबाद @ कलेक्ट्रेट के रेवा सभाकक्ष मे जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर पर एक दिवसीय कार्यशाला गत दिवस आयोजित की गई। कार्यशाला मे भारत शासन के प्रतिनिधि, मध्यप्रदेश शासन के प्रतिनिधियो, कलेक्टर अविनाश लवानिया तथा होंशंगाबाद जिले के व्यापारिक संगठनो के प्रतिनिधियो एवं प्रमुख व्यवसायियो ने जीएसटी पर सार्थक विचार मंथन किया। कार्यशाला मे बताया गया कि 20 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापारियो के लिये जीएसटी नम्बर लेना अनिवार्य नही है। कार्यशाला मे व्यापारियो को विभिन्न वस्तुओ के एक साथ बिल बनाने के लिये आफलाईन साफ्टवेयर का उपयोग करने की सलाह दी गई। कार्यशाला मे भारत सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय के संयुक्त सचिव मनोज पिंगुवा ने भारत शासन का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि जीएसटी सरल और सुविधाजनक कर है। इसने कई करो को समाप्त कर दिया है। प्रारंभिक काल होने के कारण इसमे व्यापारियो को कुछ कठिनाई आ रही है। व्यापारियो से प्राप्त हो रहे सुझावो के अनुसार इसमे सुधार भी किया जा रहा है। सरकार ने जीएसटी को लागू करते समय व्यापारियो पर भरोसा किया है। इसके माध्यम से व्यापारी अलग से कोई टैक्स नही दे रहे है। वे केवल टैक्स संकलन का माध्यम बन गये है। जीएसटी के संबंध मे व्यापारियो का यदि किसी तरह की आशंका है तो राज्यकर विभाग की हेल्पडेस्क से मार्गदर्शन प्राप्त करे।

संयुक्त सचिव ने कहा कि जीएसटी के संबंध मे व्यापारियो को गलत धारणा बनाकर डरना नही चाहिए। इससे बचने तथा इसमे कमी तलाशने का प्रयास न करे। जीएसटी को देश के विकास मे अपना योगदान मानकर सहयोग करे। होशंगाबाद मे सभी व्यापारी साथियो ने जीएसटी के संबंध मे खुले मन से चर्चा की है। आप सब के सहयोग से जीएसटी को भलीभांति लागू किया जा सकेगा। कार्यशाला मे कलेक्टर श्री अविनाश लवानिया ने कहा कि होशंगाबाद जिले की अपनी अलग पहचान है। हम नवाचार को अपनाने मे पीछे नही रहते है। सभी व्यवसायी बंधु जीएसटी को अपनाने के साथ दुकानो तथा प्रतिष्ठानो मे कम्प्यूटर की व्यवस्था कर ले। थोडे से प्रयासो से इसके द्वारा व्यापार का पूरा हिसाब किताब बडी आसानी से हो जायेगा। किसी जानकार की सहायता से भी इसे किया जा सकता है। मोबाईल की ही तरह कम्प्यूटर को चलाना बहुत आसान है। कार्यशाला मे सहायक आयुक्त, सेन्ट्रल एक्साइज के.के. कुशवाह तथा अधीक्षक एस.के.जैन ने जीएसटी के संबंध मे विस्तार से जानकारी दी। उन्होने बताया की 20 लाख से कम टर्नओवर वाले व्यापारियो को जीएसटी नम्बर लेना अनिवार्य नही है। ऐसे व्यापारियो के माल के परिवहन मे यदि कोई ट्रांसर्पोटर जीएसटी नम्बर की मांग करता है तो डरे नही उसे पैन नम्बर की जानकारी दे। यदि इसके बाद भी परिवहन मे असुविधा होती है तो जीएसटी हेल्पडेस्क से सहायता प्राप्त करे। कोई व्यापारी उन वस्तुओ का व्यापार कर रहा है जो जीएसटी से बाहर है तो उसके लिये भी जीएसटी नम्बर लेना अनिवार्य नही है। यदि किसी वस्तु मे 0 प्रतिशत जीएसटी है तो उसके परिवहन से ट्रान्सपोर्टर इनकार नही कर सकता है। इसमे जो भी माल भाडा होगा उस पर व्यापारी को ही 5 प्रतिशत कर देना है। कार्यशाला मे बताया गया कि ग्राहक को बिल देने के लिये जीएसटी की श्रेणी के अनुसार वस्तुओ का श्रेणी करण करे। उनमे टैक्स के अनुसार वर्गीकरण करके ग्राहक को बिल दे। इसके लिये आफलाईन साफ्टवेयर का भी उपयोग किया जा सकता है। कार्यशाला मे व्यापारियो ने जीएसटी मे पंजीयन, बिल तैयार करने, लेखासंधारण, वस्तुओ के श्रेणी करण तथा कम्पोजीशन स्कीम के संबंध मे विभिन्न प्रश्न किये जिनका समाधान अधिकारियो द्वारा किया गया। कार्यशाला मे एडीएम मनोज सरियाम, राज्य कर विभाग के सहायक आयुक्त, इटारसी सूर्यप्रताप सिंह, सहायक आयुक्त होशंगाबाद श्रीमती लता पाल, सहायक आयुक्त संजीव पर्ते तथा बडी संख्या मे व्यापारी उपस्थित रहे।