जीएसटी के तहत सर्विसेज से जुड़ी कुछ चीजें हो सकती हैं महंगी : हसमुख अधिया

नई दिल्ली @ गुड्स ऐंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) के तहत सर्विस टैक्स में काफी बढ़ोतरी हो सकती है। इसे 15 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया जा सकता है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सर्विसेज से जुड़ी कुछ चीजें महंगी हो सकती हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, ‘हां सर्विस सेक्टर टैक्स की दर 18 फीसदी रखी जा सकती है।’

उन्होंने कहा, ‘मौजूदा समय में जो चीजें छूट के दायरे में हैं, हम कोशिश करेंगे कि उन पर टैक्स ना लगें। हम काउंसिल से इसकी सिफारिश करेंगे। पूरी संभावना है कि इसे स्वीकार कर लिया जाएगा।’ अभी सर्विस सेक्टर पर 14 फीसदी का टैक्स है, स्वच्छ भारत सेस और कृषि कल्याण सेस को मिलाकर कुल 15 फीसदी टैक्स लगता है। अभी 60 सर्विसेज को टैक्स से छूट प्राप्त है, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और तीर्थयात्रा भी शामिल है।

सर्विस टैक्स का इन पर असर
होटलों में रुकना-खाना, मोबाइल बिल, मैरिज वेन्यू, म्यूजिक कॉन्सर्ट, थीम पार्क, वाहन खरीदना, मूवी टिकट की ऑनलाइन बुकिंग, डीटीएच सेवा, ऐप बैस्ड कैब सर्विस, कुरीयर, इंश्योरेंस प्रीमियम, रेल और हवाई यात्रा, ब्यूटी पार्लर, बोलत बंद पानी आदि के लिए आपको अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।

ऐसे किसानों को कराना होगा रजिस्टर
जीएसटी का कानून कहता है कि जो खुद या अपने परिवार के सदस्यों के साथ किसानी करते हैं और 20 लाख रुपये तक सालाना कमाई करते हैं, वे जीएसटी के तहत नहीं आएंगे। लेकिन जो किसान दूसरे लोगों को काम पर रखते हैं और 20 लाख रुपये से अधिक सालाना कमाई करते हैं उन्हें खुद को जीएसटी के तहत रजिस्टर कराना होगा।

फूलों की खेती, डेयरी, मछली पालन आदि में बड़ी संख्या में लोगों को मजदूरी पर रखा जाता है और खेती के तहत आने की वजह से इन्हें टैक्स से छूट प्राप्त है। अधिया ने कहा, ‘किसानी की परिभाषा में नहीं आने वालों को जीएसटी में रजिस्टर कराना होगा, लेकिन उनके उत्पाद पर टैक्स लगेगा या नहीं इस पर काउंसिल फैसला लेगा।’