कभी बहुत शक्तिशाली माने वो देश अब है बहुत कमजोर जानिए क्या हो सक्ती इसकी मुख्य वजह?

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वह देश जो बहुत शक्तिशाली थे और अब कमजोर है, इसकी वजह कई है। जैसे की शक्तिशाली नेता का न होना, वातावरण मे बदलाव, शत्रु से मिली ऐसी पराजय जिस कारण वह राज्य कभी उठ न पाया और देश का कई छोटे छोटे टुकड़ो मे बट जाता।

1.) ईरान

ईरान एक समय बहुत शक्तिशाली था और इसे प्राचीन काल के सुपर पॉवर देशो मे गिना जाता था। अपने चरम पर आखिरी गैर मुसलमानी ईरानी साम्राज्य कुछ ऐसा था।

ईरान इतना शक्तिशाली था की उसने अजय माने जाने वाले रोम को हराया था वह भी जब रोम अपने चरम पर था।

आज ईरान एक कमजोर देश है जिसे पैसे की सख्त जरूरत है और इसलिए आज वह रूस और चीन के तलवे चाटने को भी तैयार है।

2.) तिब्बत

तिब्बत आज चीन के अधीन है पर एक समय था जब वह काफी शक्तिशाली था और उसने चीन के टंग राजवंश और अरबी ख़लीफ़ा को तक हराया था। आप चित्र मे देख ही सकते है की तिबत्ति साम्राज्य एक समय कितना बड़ा था।

इसके कमजोर होने का कारण था की साम्राज्य गिरने के बाद चीन ने तिब्बती सिंहासन को काबू करना शुरू कर दिया था। साथ ही बाद के राजा कमजोर थे, या फिर बोध धर्मी होने के कारण वह युद्ध से दूर रहते थे।

3.) उत्तर कोरिया

आज उत्तर कोरिया दुनिया के बदमास और क्रूर देशो मे गिना जाता है और साथ ही यह चीन का गुलाम भी बन चुका है। पर एक समय था जब उत्तर कोरिया की भूमि पर ऐसे राजा उत्पन हुए थे जिन्होंने चीन का अधिपत्य फेक कर सम्राट का पद धारण किया था।

यह देश था गोगुरयेओ।

उस समय चीन के सभी पडोशी राज्यो को चीनी सम्राट का अधिपत्य स्वीकारना पड़ता था और केवल चीन के सम्राट के पास ही अधिकार था सम्राट उपाधि धारण करने का। बाकी अधीन देशो को केवल राजा उपाधि धारण करने का अधिकार था।

पर गोगुरयेओ राजाओ ने यह नियम तोड़ा और सम्राट उपाधि धारण की ( असल मे उस उपाधि का सही अर्थ महाराजाधिराज होगा) चीन के सुई राजवंश ने गोगुरेयो को सबक सिखाने के लिए हमला किया पर वह बुरी तरह हारे। इतिहास मे यह पहली बार था की कोरियाई देश ने चीन को हराया हो।

पर गोगीरयेओ के दक्षिण मे दूसरे राज्य थे जो गोगुरयेओ की समृद्धि से जलते थे और अक्सर उससे लड़ा करते थे। गोगुरयेओ से मिली हार के बाद सुई राजवंश का अंत हुआ और फिर आया टंग राजवंश, जिसने अन्य कोरियाई देशो के साथ मिलकर गोगुरयेओ को हराया और उसे नेस्तनाबूद किया।

कोरियाई लोगों ने गोगुरयेओ को हमेशा याद रखा और बाद मे एक राजवंश आया कोरिया मे जिसने खुदका का नाम गोरेओ रखा गोगुरयेओ के आधार पर और फिर आगे जाकर गोरेओ का उच्चारण बदला और वह कोरिया हो गया।

4.) मंगोल

आज मंगोलिया का एक भाग चीन के अधीन है और एक भाग स्वतंत्र देश है जिसकी अर्थव्यवस्था चीन की दया पर टिकी है। यह हाल मंगोलिया का तब भी था जब वह अलग अलग कबीलो मे विभाजित था। तब भी वह चीन का मोहताज़ था, पर एक व्यक्ति था जिसे यह नामंज़ूर था और उसने फैसला किया की वह मंगोलिया को इतना शक्तिशाली बनाएगा की उसका नाम सुन लोग दहसत में आ जाये और ऐसा ही हुआ, वह व्यक्ति था चंगेज़ खान और यह था उसका साम्राज्य।

यह नक्शा असल मे उसके वंशजो के साम्राज्य का है। बस चीन, ईरान और पूर्वी यूरोप को हटा दीजिये। फिर भी वह बहुत बड़ा साम्राज्य था। आज के रूस का 80%।

बाद मे मंगोल साम्राज्य के टुकड़े हो गये और वह छोटे छोटे देशो मे विभाजित हो गया। इसके बाद मंगोल कमजोर पड़ गया और उसी दशा मे पहुच गया जिसमे वह पहले भी था।

5.) सोने की चिड़िया कहलाने वाला भारत 

भारत बहुत पहले-से बहुत शक्तिशाली देश था । आज के भारत जितने क्षेत्रफल से कहीं ज्यादा क्षेत्रफल था भारत का । ऐसा कहा जाता है कि समस्त भूमंडल पर भारतीयों का ही राज हुआ करता था मगर दुर्भाग्यवश आज परिस्तिथि बदल गयी हैं । अब की कमजोरी के भी एक से ज्यादा दुर्भाग्य रहे हैं । जैसे कि :

  • आपसी मतभेद।
  • ख़ुदमुखतारी ।
  • भ्रष्टाचार।
  • जरूरत से ज्यादा भोलापन।
  • वक़्त पर कमजोर पकड़।
  • सबको आदर सत्कार देना।
  • आपस की लड़ाई में देश के दुश्मन का हाथ थामना।
  • अपने रूठों को ना मना पाना।
  • छोटे-छोटे टुकड़ों में लगातार बंटता जाना।
  • अपने वचन को किसी भी स्थिति में निभाना।
  • शत्रु को भी माफ़ करना।
  • सबको अपने समान ही पाक-साफ़ मानना।
  • दान देने में अत्यधिकता का होना। वगैरह वगैरह वगैरह के साथ साथ और भी बहुत ऐसे ही कारण हैं जो हमारी अब की कमजोरी की वजह हैं।