बिहार : पैसे के लालच में जिन्दा बाप का डेथ सर्टिफिकेट लेकर बैंक पहुंचा बेटा

बिहार। जिन्दा बाप का डेथ सर्टिफिकेट लेकर पैसे लेने बेटा बैंक पहुंच गया, लेकिन बैंक मैनेजर को शक हुआ उन्होंने पैसे की निकासी पर तत्काल रोक लगा दी और इसकी जांच करायी तो हैरान कर देने वाली घटना सामने आई. इसकी जानकारी होते ही पिता भी चौंक गए और बताया कि मैं तो जिन्दा हूं.

घटना बिहार के बांका जिले के रायपुर गांव की है जहां जीवित पिता देवेंद्र सिंह ने बताया कि उनका बेटा आशुतोष पैसे की लालच में उन्हें मृत घोषित कराते हुए डेथ सर्टिफिकेट बनवा लिया है. क्योंकि पिता के जीवित रहते हुए उसे बैंक में जमा पैसे और जेवरात नहीं मिल सकते थे. इसके लिए उसने ये चाल चली. लेकिन पकड़ा गया.

65 वर्षीय देवेंद्र सिंह की पहली पत्नी से एक ही संतान आशुतोष था लेकिन पत्नी की मृत्यु के कुछ वर्षों बाद देवेंद्न सिंह ने दूसरी शादी कर ली थी. शादी कर लेने के बाद से आशुतोष का अपने पिता से कोई खास वास्ता नहीं रहा. लेकिन देवेंद्र ने पहली पत्नी की मौत होने के बाद अपने पहले पुत्र को ही अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था और लाखों रुपये समेत जेवरात बैंक में उसके नाम से रखवा दिए.

अब बेटे आशुतोष के सामने दिक्कत ये थी कि पिता के रहते सम्पति उसके हाथ आनेवाली नहीं थी. इसीलिए उसने शातिराना अंदाज में पहले पंचायत प्रतिनिधियों से मिलीभगत कर पिता को मृत घोषित कराया और फिर उसके बाद पंचायत के सचिव के माध्यम से मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी करवा लिया. करीब एक साल बाद उसने बैंक में रखे पैसे और जेवरात पर हक जमाने की कोशिश में कागजात को 12जुलाई 2020 को बैंक में जमा कराया.

बैंक मैनेजर को जमा कराए गए कागजात और मृत्यु प्रमाण पत्र में अंकित दिनांक और दावे के समय को लेकर कुछ शक हुआ तो उन्होंने निकासी पर तत्काल रोक लगाते हुए इसकी जांच कराई जिसमें पिता के जीवित होने का खुलासा हुआ तब पिता भी चौंक गए.

मामले की जानकारी मिलते ही पिता दौड़े-भागे बैंक पहुंचे और खुद के जिंदा होने का दावा किया. उसके बाद उन्होंने शम्भूगंज थाना में लिखित आवेदन देते हुए मामले की पूरी तरह तहकीकात करने की गुहार लगायी है. अब इस मामले में बेटा और संबंधित पंचायत प्रतिनिधि और पंचायत सचिव पर कार्रवाई की जा सकती है.