नमो ऐप पर ऑप-एड सेक्शन की शुरुआत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ऐप पर एक ऑप-एड सेक्शन शुरू किया है ताकि शीर्ष नीति-निर्माता और प्रबुद्ध विश्लेषक इसमें आलेख लिख सकें। नरेंद्र मोदी ऐप में रिफ्लेक्शंस नाम का सेक्शन जोड़ा जाना वर्तमान घटनाओं पर प्रतिक्रिया हासिल के लिए प्रधानमंत्री की ओर से की गई एक और कोशिश है।

अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ और माईगॉव ऐप के लिए प्रधानमंत्री पहले ही सुझाव एवं विचार आमंत्रित करते रहे हैं। रिफ्लेक्शंस सेक्शन में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, जेपी नड्डा और जयंत सिन्हा के अलावा यूआईडीएआई के पूर्व अध्यक्ष नंदन नीलेकणी के लेख प्रकाशित हो चुके हैं।

बड़े न्यूज पब्लिकेशंस को टक्कर देगा रिफ्लेक्शन
– मालवीय ने कहा, “नमो ऐप को इतनी बड़ी संख्या में यंग यूजर्स पसंद कर रहे हैं, इसका आधार बढ़ रहा है। ऐसे में पॉलिसी मेकर्स और एनालिस्ट को रिफ्लेक्शन सेक्शन में शामिल किए जाने से ये ऐप देश के बड़े न्यूज पब्लिकेशंस को टक्कर दे सकता है।”

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के मुताबिक, रिफ्लेक्शंस एक साहसिक प्रयास है जिससे न्यू इंडिया के बाबत नए-नए विचार पैदा किए जा सकते हैं। नंदन नीलेकणी ने ‘इंडिया कैश डिलीवरेंस’ पर अपने लेखन में कहा है- “भारत में वित्तीय क्षेत्र वर्तमान में एक स्वर्णिम युग से गुजर रहा है, और कैश-लेश अर्थव्यवस्था की तरफ बढ़ने का प्रयास इसकी सबसे बड़ी वजह है।”

नरेंद्र मोदी ऐप में लोगों, खासकर स्मार्टफोन पसंद करने वाली युवापीढ़ी ने काफी दिलचस्पी ली है। गौरतलब है कि एंड्रॉयड, आईओएस और विंडोज प्लेटफॉर्मों पर अब तक इस ऐप को 80 लाख से ज्यादा लोगों ने डाउनलोड किया है। रिफ्लेक्शंस में भारत के नीतिगत विमर्श को आकार देने और प्रेरित करने की क्षमता है।