गौशालाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए उत्पादक गतिविधियां प्रारंभ की जाएं- कमिश्नर

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भोपाल @ कमिश्नर कवीन्द्र कियावत ने संभाग के सभी जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिले की संचालित सभी गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गौकाष्ठ का निर्माण, बायोगैस प्लांट, खाद और गौ-मूत्र से कीटनाशक का निर्माण प्रारंभ कराएं। शुक्रवार को सम्पन्न हुई बैठक में गौशालाओं के निर्माण और संचालन की समीक्षा की गई।

कमिश्नर कियावत ने निर्देश दिए हैं कि गौशालाओं के विधिवत संचालन के लिए रणनीति बनाई जाए और गौशाला की जमीन पर चारागाह विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि नंदी शाला के सांड वंशीय पशुओं को गौशाला में ही रखा जाए जिससे नस्ल सुधार हो तथा गायों से दूध का उत्पादन भी लिया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि गाय के गोबर और गौमूत्र से गौशालाओं को आत्म निर्भर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि गोबर से गौकाष्ठ के निर्माण के साथ ही एग्रो से समन्चवय कर बायोगैस संयंत्र लगाकर ग्रामीण आबादी को रसोई गैस उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौ-मूत्र से कीटनाशक बनाकर उसकी भी मार्केटिंग की जाए।

कमिश्नर ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधीक्षण यंत्री को निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन सभी गौशालाओं का निर्माण शीघ्र पूरा किया जाए और भूमि आदि की जहां कठिनाई है राजस्व अधिकारियों से समन्वय कर उसे दूर किया जाए। कियावत ने निर्देश दिए हैं कि गौकाष्ठ निर्माण मशीनों को तत्काल स्थापित कराया जाए और स्व-सहायता समूह के सदस्यों को प्रशिक्षित करें।
बैठक में सीईओ जिला पंचायत विकास मिश्रा सहित सीहोर, विदिशा, राजगढ़ और रायसेन के सीईओ भी उपस्थित थे।