दिल्ली में फिर से होगा लॉकडाउन पर राज्य सरकार ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य बुलेटिन के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में कुल मामले 2.14 लाख पहुंच गए हैं जबकि मृतक संख्या 4,715 हो गई है। राष्ट्रीय राजधानी में लगातार चार दिनों से 4,000 से अधिक नए मरीज सामने आ रहे हैं। दिल्ली में शनिवार को एक दिन में सर्वाधिक 4,321 लोगों में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया और 28 संक्रमितों की मौत हुई। ऐसे में कयासों का बाजार गर्म हो गया था कि राष्ट्रीय राजधानी में फिर से लॉकडाउन लग सकता है।

इस मामले पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के 33 बड़े अस्पतालों के 80 फीसदी ICU बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित होंगे। दिल्ली सरकार ने शनिवार को अस्पतालों के साथ बैठक के बाद इसको लेकर आदेश जारी किया है।

सत्येंद्र जैन ने कहा कि कोविड अस्पतालों को 30 फीसदी बेड बढ़ाने की छूट दी है। यानी किसी अस्पताल में 100 बेड है तो उसे 130 किया जा सकता है। मगर ये बेड सिर्फ कोरोना मरीज़ों के लिए प्रयोग होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने दिल्ली में केस बढ़ने पर मिनी लॉकडाउन की संभावना से साफ इनकार कर दिया है।

दिल्ली सरकार ने लॉकडाउन के दौरान बंद हुई डोरस्टेप डिलीवरी सेवाएं एक बार फिर से शुरु कर दी हैं। 1 सितंबर से दिल्ली के कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी इलाकों में डोरस्टेप डिलीवरी शुरु कर दी गई है। दिल्लीवासी अब आय प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और नए पानी के कनेक्शन से संबंधित सेवाओं की डोरस्टेप डिलीवरी का लाभ उठा सकते हैं।

दिल्ली सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना को फिर से शुरू कर दिया है, जो कोरोना महामारी के कारण लगभग पांच महीने से निलंबित थी। सितंबर माह के शुरुआती 10 दिनों में दिल्ली सरकार को लगभग 1000 आवेदन भी मिले हैं। सरकार को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस सेवा को जनता की ओर से बेहतर रेस्पांस मिलेगा।

बता दें कि स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने जांचों की स्थिति की समीक्षा करने के लिए दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा निदेशकों और अधीक्षकों के साथ बैठक की। पिछले 24 घंटे में 60,076 नमूनों की जांच की गई है। फिलहाल 28,509 मरीजों का इलाज चल रहा है। दिल्ली में संक्रमित होने की दर 7.19 प्रतिशत जबकि मृत्यु दर 2.2 प्रतिशत है जबकि संक्रमण से ठीक होने की दर 84 प्रतिशत है। अब तक कुल 1,81,295 मरीज संक्रमण से ठीक हो चुके हैं।