कानपुर : आठ पुलिसकर्मियों की हत्या में STF नेे की थानाध्यक्ष से पूछताछ

यूपी के कानपुर में मुठभेड़ के दौरान सीओ, इंस्पेक्टर की हत्या के मामले में चौबेपुल थानाध्यक्ष विनय तिवारी से भी पूछताछ की। इसी थाने के अंतर्गत विकास दुबे का गांव आता है। बताया जा रहा है जब विकास दुबे को पकड़ने के लिए दबिश दी गई तो बाकी थानों की फोर्स एसओ और सीओ आगे बढ़ गए मगर एसओ चौबेपुल विनय तिवारी जेसीबी के पीछे रहे। जबकि थानाक्षेत्र उनका था, इलाके में लगाए गए बीट कांस्टेबल उन्हें रिपोर्ट करते थे। गांव की भौगोलिक स्थिति के बारे में उन्हें ज्यादा जानकारी थी। उसके बाद भी वह आगे नहीं बढ़े। इसी मामले में एसटीएफ के अधिकारियों ने देर शाम एसओ चौबेपुर से भी पूछताछ की।

डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी ने एक सवाल के जवाब में बड़े तल्ख शब्दों में कहा कि हमारे परिवार के 8 जवान शहीद हुए हैं। पुलिस को किसी से भी पूछताछ करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने समाज के लोगों से अनुरोध है कि पुलिस की जांच में सहयोग करें। हमारे 8 लोग मारे गए, सात लोग घायल हुए हैं। कार्रवाई तो होगी ही और सख्त कार्रवाई होगी। इस घटना ने समाज को सोचने पर भी विवश कर दिया है।

22 किलोमीटर दूर थाना, रास्ते में कोई चौकी नहीं
भाजपा नेता संतोष शुक्ला हत्याकांड ने बिकरू गांव का थाना क्षेत्र बदल दिया था। उस दौरान बिकरू शिवली थानाक्षेत्र मे आता था मगर घटना के बाद पुलिस की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर बिकरू और उसके आसपास के आधा दर्जन गांवों को थाना चौबेपुर के क्षेत्र में शामिल कर दिया गया था। चौबेपुर थाना गांव से 22 किलोमीटर की दूरी पर है। उसके बीच में कोई पुलिस चौकी भी नहीं है। जिसके कारण बहुत से मामले पुलिस तक पहुंच ही नहीं पाते थे।

इसलिए दबिश देने गई थी पुलिस टीम
जमीन के एक मामले में जादेपुर गस्सा गांव निवासी राहुल तिवारी ने चौबेपुर पुलिस से शिकायत करते हुए तहरीर दी थी। सूत्रों के मुताबिक बुधवार को एसओ चौबेपुर विनय तिवारी विकास दुबे से मिलने उसके घर गए थे। एसओ ने उससे पूछताछ की। जिसके चलते दोनों के बीच झड़प हुई। विकास और एसओ के बीच हाथापाई भी हो गई थी जिसके बाद पुलिस लौट आई। गुरुवार को पुलिस ने राहुल तिवारी द्वारा दी गई तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर ली और उसके बाद विकास को पकड़ने के लिए सीओ बिल्हौर के नेतृत्व में दबिश के लिए ऑपरेशन तैयार किया गया।

क्या था राहुल से मामला
राहुल से मिली जानकारी के मुताबिक विकास ने उसके ससुर लल्लन शुक्ला की जमीन का जबरन दानपात्र में बैनामा करा लिया था। इसे लेकर राहुल ने कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया। उसी मामले में 1 जुलाई को विकास दुबे, सुनील, बाल गोविंद, शिवम दुबे, अमर दुबे ने उसे रास्ते में रोका, मारा पीटा और बंधक बना लिया। मुकदमा वापस लेने का दवाब बनाते हुए उसे जान से मारने की धमकी दी।