दुनिया भर के शेयर बाजार में गिरावट जारी

इस ख़बर को शेयर करें:

अमेरिका के शेयर बाजार सोमवार को बड़ी गिरावट का असर मंगलवार को भारतीय बाजार में भी देखने को मिला। सेंसेंक्स और निफ्टी भारी गिरावट के साथ खुले।

सेसेंक्स करीब 1200 अंक नीचे खुला जबकि निफ्टी में शुरुआती कारोबार में 350 अंकों की गिरावट देखने को मिली। बता दें कि अमेरिकी शेयर बाजार में अगस्त 2011 के बाद आई यह सबसे बड़ी गिरावट थी। सोमवार के कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 1,175.2 अंक यानी 4.6 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 24,345.75 के स्तर पर बंद हुआ। एस ऐंड पी 500 स्टॉक इंडेक्स 3.8 प्रतिशत और नेस्डेक 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए है। अमेरिकी बाजार अपने शिखर से 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुके हैं।

बाजार की हालत देखते हुए वाइट हाइस ने भी बयान जारी किया। वाइट हाउस ने कहा, ‘हमारी चिंता हमेशा बनी रहती है। खासकर जब बाजार के किसी भी मूल्य में गिरावट दर्ज होती है, लेकिन हमें अपनी अर्थव्यवस्था की बुनियादी बातों में भी पूरा विश्वास है।’

बता दें कि 2008 के वित्तीय संकट के दौरान डाओ जोन्स 777 अंक गिरा था। डाओ जोन्स और ऐस ऐंड पी 500 इंडेक्स ने अगस्त 2011 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। महंगी बॉन्ड यील्ड ने निवेशकों की नींद उड़ा दी है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88 फीसदी तक पहुंच चुकी है।

वॉल स्ट्रीट की बड़ी गिरावट के बाद एशियाई बाजारों पर भी इसका बुरा असर पड़ा। जापान का निक्कई 4.6 प्रतिशत, ऑस्ट्रेलिया के शेयर 3 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया के शेयर भी 2 प्रतिशत की गिरावट के साथ खुले। पहले से ही गिरावट से जूझ रहे भारत के शेयर बाजार पर भी इस गिरावट का असर पड़ा। अन्य वैश्विक बाजारों की तरह सेंसेक्स और निफ्टी गिरावट के साथ खुले।