सुप्रीम कोर्ट ने दिया राम मंदिर निर्माण का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (9 नवंबर) को अयोध्या में विवादित स्थल राम जन्मभूमि पर मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त करते हुये केन्द्र सरकार को निर्देश दिया कि सुन्नी वक्फ बोर्ड को मस्जिद के निर्माण के लिये पांच एकड़ भूमि आवंटित की जाए। इस फैसले के बाद बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। अयोध्या में राम मंदिर बनेगा

राम लला’ के वकील ने न्यायालय के किया फैसले का स्वागत:
मालिकाना हक मामले में राम लला के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता सी एस वैद्यनाथन ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह लोगों की जीत है। उन्होंने कहा, ‘‘यह बेहद संतुलित फैसला है और यह भारत के लोगों की जीत है।’’ वहां बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट किया, ‘‘जब भगवान राम चाहते थे, तभी मंदिर के पुर्निनर्माण के लिये हरी झंडी दिखाई जा रही है। जय श्री राम।’’

क्या बोले कांग्रेस नेता:
इस फैसले के बाद कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने न केवल मंदिर के निर्माण के लिए दरवाजे खोले बल्कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने के लिए बीजेपी के लिए दरवाजे भी बंद कर दिए हैं। सुरजेवाला ने कहा कि हमारी पार्टी भगवान श्री राम के मंदिर के निर्माण की पक्षधर है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है, स्वाभाविक तौर पर आपके सवाल का जवाब हां में है। साथ ही राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने अयोध्या मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि सभी को इसका स्वागत करना चाहिए।

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद प्रतिक्रियाओं का दौर जारी है। मुस्लिम पक्ष ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के प्रति असंतोष व्यक्त किया है। जफरयाब जिलानी के बाद ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के कमाल फारुकी ने भी नाखुशी जाहिर की है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से अयोध्या में ही पांच एकड़ जमीन दिए जाने के आदेश पर भी टिप्पणी की है। कमाल फारुकी ने कहा, इसके बदले हमें 100 एकड़ जमीन भी दे तो कोई फायदा नहीं है। हमारी 67 एकड़ जमीन पहले ही अधिग्रहित की हुई है तो हमको दान में क्या दे रहे हैं वो? सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा- सौ एकड़ जमीन भी मिले तो कोई फायदा नहीं, ये कहां का इंसाफ?