प्रयागराज: सुप्रीम कोर्ट का फैसला, बढ़े कट ऑफ से होगी नियुक्ति, शिक्षामित्रों को दूसरा मौका मिलेगा

प्रयागराज. उप्र में 69000 शिक्षकों की भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों की याचिकाएं खारिज करते हुए हाई कोर्ट का फैसला बरकरार रखा है कि ये भर्तियां सरकार द्वारा बढ़ाए गए कट ऑफ के हिसाब से ही होंगी. इस व्यवस्था में भर्ती से वंचित रहने वालों को अगले साल एक मौका और दिया जाएगा

उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले सामान्य वर्ग के लिए 45 और आरक्षित वर्ग के लिए 40 कट ऑफ को बढ़ाकर सामान्य वर्ग के लिए 65 और आरक्षित वर्ग के लिए 60 कर दिया था. छात्रों के एक गुट का कहना था कि सरकार का परीक्षा के बाद कट ऑफ निर्धारित करना गलत है.

शिक्षामित्रों ने इसके खिलाफ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हाई कोर्ट ने सरकार का फैसला बरकरार रखा तो सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी यही व्यवस्था बहाल रखी है, लेकिन जो लोग छूट जाएंगे, उन्हें एक और मौका देने का आदेश भी हुआ है.

कोर्ट के इस आदेश से शिक्षकों के रिक्त 51112 पदों पर भर्ती में शिक्षामित्रों को अवसर मिलने की संभावना है. बिना टीईटी सहायक अध्यापक पद पर समायोजित 1.37 लाख शिक्षामित्रों का समायोजन सुप्रीम कोर्ट ने जुलाई 2017 में निरस्त कर दिया था.

उस समय सुप्रीम कोर्ट ने दो भर्तियों में शिक्षामित्रों को उनकी सेवा के आधार पर भारांक देते हुए अवसर देने का आदेश दिया था. इसके बाद प्रदेश सरकार ने पहले 68500 सहायक अध्यापकों की भर्ती निकाली जिसमें 7 हजार शिक्षामित्रों का चयन हुआ था. 69000 में 8018 शिक्षामित्रों को नौकरी मिली है. अभी 1.22 लाख शिक्षामित्र सहायक अध्यापक पद पर बहाल नहीं हो सके हैं.