जीवन बीमा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला, पुरानी बीमारी से मौत होने पर नहीं कर सकते क्लेम

नई दिल्ली। पुरानी जानलेवा बीमारियों को छिपाकर जीवन बीमा कराने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर है. सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में कहा है कि अगर कोई व्यक्ति पुरानी जानलेवा बीमारी को छिपाकर जीवन बीमा कराता है और इस बीच उसकी मृत्यु हो जाए तो इंश्योरेंस कंपनी क्लेम का दावा खारिज कर सकती है।

सर्वोच्च अदालत ने यह आदेश जीवन बीमा को लेकर एक इंश्योरेंस फर्म द्वारा दायर की गई याचिका की सुनवाई के दौरान दिया. इस दौरान कोर्ट ने कहा कि बीमा कराने के लिए आने वालों को शुरुआत में ही तमाम अपनी पुरानी बीमारियों का लेखा – जोखा इंश्योरेंस कंपनी को दे देना चाहिए। ऐसा न करने पर बीमा कंपनी दावा खारिज कर सकती है। SC ने कहा कि बीमा अनुबंध अत्यधिक भरोसे पर आधारित होता है। ऐसे में जीवन बीमा लेने वाले लोगों को भी हर जानकारी का खुलासा करना चाहिए।