चीन में सुषमा स्वराज ने जोरदार ढंग से उठाया आतंकवाद का मुद्दा

इस ख़बर को शेयर करें:

शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में शामिल होने चीन गईं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सदस्य देशों की बैठक में आतंकवाद का मसला जोरदार ढंग से उठाया । सुषमा ने बिना पाकिस्तान का नाम लिए और पाकितानी विदेश मंत्री की मौजूदगी में आतंक पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है और इसे बढ़ावा देने, समर्थन देने और वित्त पोषित करने वाले देशों की पहचान करनी चाहिए।

उन्होंने साफ तौर पर कहा कि सिर्फ आतंकियों का खात्मा करना ही मकसद नहीं होना चाहिए बल्कि उन देशों के नाम भी उजागर करने चाहिए साथ ही उनेक खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी करनी चाहिए जो आतंकियों का समर्थन, वित्त पोषण और उन्हें सुरक्षित पनाह दे रहे हैं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वर्तमान हालात के मद्देनजर रिफॉर्म की भी वकालत की।

सुषमा स्वराज ने वैश्विक व्यापार में संरक्षणवाद की नीति की जमकर आलोचना करते हुए इस हर रूप में खारिज किए जाने की वकालत की । उन्होंने कहा कि भारत आर्थिक और निवेश संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए एससीओ के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। संरक्षणवाद को हर रूप में खारिज किया जाना चाहिए और व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए अनुशासनात्मक कदम उठाने के प्रयास किए जाने चाहिए।

भारत ने ऐसे आर्थिक वैश्वीकरण में अपना पूर्ण विश्वास जताया है जो और अधिक खुला, समावेशी और न्यायसंगत हो। विदेश मंत्री के साथ साथ रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के लिए चीन के दौरे पर हैं। मंगलवार को बैठक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अफगानिस्तान को हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है। रक्षा मंत्री ने मंगलवार को चीन के विदेश मंत्री से भी मुलाकात की।

चीन की इस यात्रा से कुछ अहम बातें निकलकर सामने आईं । इनमें भारत के प्रधानमंत्री औऱ चीन के राष्ट्रपति के बीच अनौपचारिक वार्ता, नाथु ला दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर की यात्रा, सतलुज और ब्रह्मपुत्र नदियों का आंकड़ा साझा करना अहम बातें रहीं। विदेश मत्री सुषमा स्वराज चीन की सफल यात्रा करने के बाद अब मंगोलिया पहुंच गई हैं। एयरपोर्ट पर मंगोलिया की उप विदेश मंत्री ने भारत के विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की अगवानी की।