जिम्बाब्वे के राजनीतिक संकट पर सुषमा स्वराज ने जताई चिंता

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अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में राजनीतिक संकट जारी है। राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे अभी भी सेना के कब्जे में है। सरकार ने बयान जारी कर कहा है कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे जल्द ही अपना इस्तीफा सौंप देंगे और शुक्रवार को इमर्सन अमंगागवा अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।

सेना राजधानी हरारे की सड़कों पर तैनात है। इस बीच यूएन महासचिव ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। जिम्बाब्वे के हालात पर भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय हरारे में स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए हुए है।

अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे में जारी राजनीतिक संकट को हल करने के लिए गुपचुप चल रही बातचीत और राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे के दशकों लंबे शासन के समाप्त होने की आशंका के बीच गुरूवार को भी अनिश्चितता बनी रही। इसबीच खबर है कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे अब भी सेना की हिरासत में हैं और उनका स्वास्थ्य ठीक है। सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे जल्द ही अपना इस्तीफा सौंप देंगे और शुक्रवार को इमर्सन अमंगागवा अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे।

इसबीच स्थिति अबभी तनावपूर्ण बनी हुई है और सेना राजधानी हरारे की सड़कों पर तैनात है। हालात से निपटे के लिए बैठकों का दौर जारी हैं जबकि नागरिक समाज समूहों और जिम्बाब्वे में चर्चों ने शांति की अपील की है। इस घटनाव्रम को देखते हुए संयुक्त राष्ट महासचिव एंतोनियो गुतेरेस,अप्रीकी संघ और पश्चिमी देशों ने जिम्बाब्वे में शांति बनाए रखने की अपील की है।

इसबीच जिम्बाबे के बिगड़ते अंदरूनी हालातों को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने चिंता जताई है। स्वराज ने जिम्बाबे में भारतीय दूतावास को उस देश में रह रहे सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर हर संभव मदद करने को कहा है। सुषमा स्वराज ने कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी जिम्बाबे की राजधानी हरारे में स्थित भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क में हैं।

देश में फैले हालात पर वहां के लोग ने कहा कि स्थिति सामान्य है और किसी भी नागरिक को किसी भी तरह कि दिकतों का सामना नहीं करना पड़ रहा है। गौरतलब है कि सेना ने गुरूवार को राष्ट्रपति मुगाबे का तख्ता पलट दिया है और राष्ट्रपति भवन, रेडियो एवं टीवी केंद्र, प्रमुख प्रशासनिक भवनों और कार्यालयों को अपने कब्जे में ले लिया है।