कोरोना वैक्सीन को लेकर स्वामी चक्रपाणि ने गाय की चर्बी मिले होने के बयान से नया विवाद सामने आया, अखाड़ा परिषद लगवाने की अपील

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प्रयागराज. कोरोना वैक्सीन अभी आई नहीं है लेकिन इसको लेकर विवाद पहले से ही शुरू हो गया है. ताजा मामला वैक्सीन को लेकर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि के बयान को लेकर सामने आया है. उन्होंने अपने बयान में बवाल खड़ा कर दिया है. जिसमें उन्होंने वैक्सीन में गाय की चर्बी मिले होने की बात कही है. हालांकि उनके बयान का विरोध होने लगा है. ​अखिल भारतीय अखड़ा परिषद ने तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने तक की मांग कर दी है.

गौरतलब है कि कोरोना वैक्सीन में गाय का खून और चर्बी होने और देश में इसके प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने को लेकर हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने बयान दिया था. जबकि वैक्सीन पर मुस्लिम संगठन और धर्मगरु भी सवाल उठा चुके हैं.

वहीं स्वामी चक्रपाणि ने इसको लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को लेकर एक ज्ञापन भी भेजा है. वहीं कोरोना वैक्सीन को लेकर स्वामी चक्रपाणि के बयान पर साधु संतों की सबसे बड़ी संस्था ने कड़ी नाराजगी जतायी है. अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि स्वामी चक्रपाणि को अखाड़ा परिषद तीन साल पहले ही फर्जी घोषित कर चुका है.

वे किसी सन्यासी परम्परा से भी नहीं आते हैं. महंत नरेन्द्र गिरी ने कहा है कि इसलिए उनके बयान का कोई महत्व नहीं है. उन्होंने देश वासियों से अपील किया है कि धर्म भी बचाना है और जीवन भी बचाना है तो इसलिए कोरोना वैक्सीन को लेकर किसी के बहकावे में कतई न आयें और वैक्सीन आने पर कोरोना की महामारी बचाव के लिए चिकित्सकों के परामर्श से इसे लगवायें.

वहीं गंगा सेना के संयोजक स्वामी आनन्द गिरी ने कहा है कि कोरोना की वैक्सीन में अगर गाय की चर्बी है तो ये बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है. हांलाकि उन्होंने ये कहा है कि इस पर बगैर कोई एक्सपर्ट राय आये कोई बयानबाजी करना जल्दबाजी होगी.