जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते इस गरीब की सुध लेने वाला कोई नहीं

जबलपुर / करमेता। यहां बने कच्चे मकान गिरने के कगार पर हैं। स्थानीय निवासी प्रेम लाल कोल ने बताया कि जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण उन्हें आज तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। वह कई बार विधायक पार्षद सरकारी दफ्तर से मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।

लिहाजा उन्होंने जिला प्रशासन से उनकी समस्या पर ध्यान देने की गुहार लगाई है। प्रेम लाल कोल कहते हैं कि बेतहाशा बारिश में घर की हालत रहने लायक नहीं बची। जैसे-तैसे पन्नी-तिरपाल आदि लगाकर बरसात से बचने का इंतजाम किया है, लेकिन ऐसी अस्थाई व्यवस्था आखिर कितने दिन चल पाएगी..!

PM आवास के लिए नगर निगम दमोह नाका कार्यालय में फार्म लेकर गए थे तो वहां अधिकारी इन्हे यह कह कर वापस कर दिया कि बड़ा बैंक खाता पर मिलता है PM आवास, जनधन खाता वालों नहीं मिलता। ये गरीब क्या जाने जनधन खाता क्या है और बड़ा बैंक खाता से कैसे मिलेगा PM आवास।

 

 

शौचालय का पैसा खा गया पार्षद
प्रेम लाल कोल के परिवार ने बताया की पार्षद ने शौचालय का निर्माण में पैसे लेकर ऐसा बनाया की वो किसी काम का नहीं उसे यूज भी नहीं करते है निर्माण के दौरान खुद मजदूरी भी की और शौचालय निर्माण में अनुदान राशि भी खा गया पार्षद। सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण एवं शहरी इलाके में ऐसे घरों को चिन्हित कर परिवारों के मुखिया को अनुदान राशि के तहत शौचालयों का निर्माण करवाने का कार्य शुरु करवाया था। इस दौरान पार्षद ने गरीबों को उनके अनुदान के पैसे भी दिलवाने का भरोसा दिलाया था। जो अभी तक इन्हे मिला भी नहीं। पार्षद से कई बार कहने पर भी राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है, जिससे स्वच्छता अभियान पर ग्रहण लग रहा है।

विधायक ने दिया आश्वासन
क्षेत्र के विधायक इंदु तिवारी ने आश्वासन दिया था इन्हे ( पार्षद – रेखा अखिलेश शुक्ला ) को वोट दो हम तुम्हारा पट्टा करवा देंगे। चुनाव जीत भी गए पर गरीब जहाँ के तहाँ आज भी टूटे फूटे कच्चे माकन में गुजर बसर करने को मजबूर है।

नगर निगम दमोह नाका कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं ये गरीब शंकर नगर करमेता निवासी प्रेम लाल कोल आदिवासी जिन्हे हर रोज चाहे विधायक हो या पार्षद या सरकारी दफ्तर सब जगह से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता है। शंकर नगर करमेता निवासी प्रेम लाल कोल सहित दर्जनों परिवार की यही समस्या है जिनकी कोई सुनता ही नहीं है।

प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पाने के लिए प्रेम लाल कोल ने कई बार चक्कर काटेने के बावजूद आवास नहीं मिल सका। पार्षद से भी बोला पर पार्षद सुनता ही नहीं है लेकिन उसका आवास नहीं बनवाया गया। छोटे-छोटे बच्चों के साथ पिन्नी डालकर गुजर बसर करने को मजबूर हैं। पर इस गरीब की सुध लेने वाला कोई नहीं है।