डीएलसी बैंक के डाटा का सत्यापन को गम्भीरता से लें : प्रमुख सचिव कृषि

झाँसी। किसानों के सब्र का इम्तहान न लिया जाए, डीएलसी बैंक के माध्यम से जो डाटा प्राप्त हुआ है। उसका सत्यापन गम्भीरता और डोर-टू-डोर कराया जाए, ताकि त्रुटि की कोई गुजाइंश न रहे। प्रथम चरण के लिए ऋण वितरण की सभी तैयारियां प्रत्येक दशा में दिनांक 17 अगस्त 2017 तक पूर्ण कर ली जाए। ऐसे किसान जिनके आधार नम्बर प्राप्त हो गये है, उन्हें अधिक से अधिक प्रथम चरण में शामिल किया जाए।

यह निर्देश प्रमुख सचिव कृषि श्री रजनीश गुप्ता ने योजना भवन स्थित वीसी कक्ष से समस्त मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी सहित समस्त फसल ऋण मोचन योजना के क्रियान्वयन से जुड़े कृषि विभाग, सूचना विभाग, राजस्व विभाग व बैंकर्स को दिए। उन्होने वीडियो कान्फेसिंग के माध्यम से कहा कि अभी भी अनेक जनपद ऐसे है जिनके यहां प्रगति संतोषजनक नही है। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि अनेक जनपदों में अभी तक तहसील स्तर पर डाटा सत्यापन का कार्य बेहद धीमा है।

उन्होने कहा कि ऐसे जिलों में इलैक्शन मोड में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि जो डाटा फिल्टर के बाद आपको दिया गया, उसे सावधानीपूर्वक और पारदर्शिता के साथ सत्यापित कर लिया जाए। जब डीएलसी पूर्णतया संतुष्ट हो जाएगी, तभी कार्यवाही को आगे बढाया जा सकेगा।

उन्होने सुझाव दिया कि कार्यो को चरणबद्व ढंग से किया जाए, ताकि कार्य समय से पूर्ण हो सके। 17 अगस्त 2017 को जिलों की प्रथम चरण की सूची हर हाल में फाइनल हो जाए। पहले उक्त कार्य सभी जिलो में 12 अगस्त तक पूर्ण किया जाना था। परन्तु अब इसे 17 अगस्त तक बढा दिया गया है।

रजनीश गुप्ता ने कहा कि सभी जिलों को फसल ऋण मोचन योजना के प्रचार-प्रसार हेतु होर्डिग्स व बैनर प्राप्त हो गये होगे। उन्हें ब्लाक, तहसील तथा जिले स्तर के साथ ही जिलों की प्रत्येक सीएचसी, पीएचसी में भी प्रचार-प्रसार हेतु लगाया जाना सुनिश्चित किया जाए।

इस मौके पर एन.आई.सी. झांसी में प्रभारी मण्डलायुक्त/जिलाधिकारी श्री कर्ण सिंह चौहान, मुख्य विकास अधिकारी श्री अन्नावि दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रशासन हरिशंकर सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।