मुखिया आदिवासियों को पट्टा देने की बात कह रहे वन रक्षक उनके के झोपड़ी को जलवा रहे

कटनी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिये गए निर्देशों का जमीनीस्तर कितना पालन हो रहा है? कटनी जिले की बहोरीबंद तहसील अंतर्गत भकरवारा गाँव में देखने को मिल सकता है, जहां पर बने गरीब आदिवासी मजदूरों की झोपड़ी में सरेआम आग लगवा दी गई। आदिवासियों ने तहसीलदार बहोरीबंद को ज्ञापन देते हुए हुए आरोप लगाए है की वन विभाग के बीट गार्ड ने अपने साथियों के साथ उनके झोपड़ो को आग के हवाले कर दिया। जिससे उनकी घर गृहस्ती का सामान जलकर राख हो गया ।

तहसीलदार से सुनाई व्यथा

आदिवासियों ने बहोरीबंद तहसीलदार विजय द्विवेदी से अपनी व्यथा सुनाते है बताया की उनकी झोपड़ी ग्राम भकरवारा पटवारी हल्का नंबर 49 राजस्व निरीक्षक मंडल बहोरीबंद स्थित शासकीय भूमि में बने है जो की विगत 3 साल से बाणसागर से प्रताड़ित होने के बाद हल्का पटवारी के बताए अनुसार राजस्व की जमीन में अपना झोपड़ी बनाकर आशियाना बना लिया था और अपने गरीब परिवार के साथ वह मजदूरी कर पेट पालने का काम करते थे।

धान की रोपाई करने गए थे आदिवासी

वहीँ दिनांक 18 /7 /2020 शनिवार को समय करीब 3:00 बजे अरविंद प्रताप सिंह वनरक्षक बीड सिहोरा गौरहा ने भरकवारा निवासी रमेश भल्ला कोल के जरिये आदिवासियों के 15 झोपड़ो में आग लगवा दी। देखते देखते गरीब मजदूरों के झोपड़े जलकर स्वाहा हो गए, साथ ही उनके झोपड़ियों में रखे गल्ला राशन कपड़े बर्तन एवं संपूर्ण गृहस्ती का सामान धू -धू कर जल गया। बेचारे गरीब कुछ रोपाई करने गए थे।

 

आदिवासियों को धमकी देते हुए भगा दिया गया

साथ ही घटना के समय वहां पर मौजूद आदिवासियों को वनरक्षक अरविंद प्रताप सिंह द्वारा गालियां देकर जान से मारने की धमकी देते हुए डांट कर भगा दिया गया ,सभी पीड़ित गरीब आदिवासी आज तहसील कार्यालय पहुंचकर अपनी दुख भरी प्रार्थना तहसीलदार को सुनाई बहोरीबंद तहसील दार विजय द्विवेदी ने जांच के आदेश देकर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।