कुंडम अंधी हत्या का खुलासा : पत्नी से मोबाइल पर बात करना गुजरा नागवार, गला घोंटकर कर दी हत्या

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जबलपुर। कुंडम थाना अंतर्गत अमेरा गांव में युवक की गला घोट कर और पत्थर पटक कर हुई हत्या का खुलासा जबलपुर पुलिस ने कर दिया है। हत्या का कारण भी सिर्फ इतना था कि मृतक द्वारा पत्नी से मोबाइल पर बात करना नागवारा गुजरा। जिसके चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना के वक्त पहने हुए कपड़े और मोबाइल जप्त कर लिया है।

यह है पूरा मामला :

6 अक्टूबर को दोपहर 12:00 बजे अमेरा और आधार गांव के बीच कच्चे रास्ते की पुलिया के नीचे एक अज्ञात युवक का शव पड़े होने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। रक्त रंजित हालत में मृतक का शव पड़ा हुआ था पास ही 2 से 3 किलो का नुकीला पत्थर भी पड़ा था। मृतक के गले में सफेद गमछा बना था तथा चेहरे एवं सिर के पीछे चोटे थीं।

अज्ञात युवक की मृत्यु गले में गमछा बांधकर गला घोटने तथा चेहरे पर पत्थर पटक कर चोटे होने की बात सामने आई। मौके पर ऐसे फल की टीम एवं डाग स्क्वायड मौके पर पहुंची और घटनास्थल के निरीक्षण एवं पंचनामा कार्रवाई के बाद मृतक की शिनाख्त के प्रयास शुरू किए मृतक की शिनाख्त रूप लाल पिता भाई लाल बर्मन (23) निवासी बजरिया मोहल्ला कटंगी के रूप में हुई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ 302 का मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।

ऐसे आरोपी तक पहुंची पुलिस :

विवेचना के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना लगी कि ग्राम भैंसादेही निवासी राजेंद्र मार्ग को की पत्नी से रूपलाल और छोटे बर्मन बात करता था। जिसको लेकर राजेन्द्र रूपलाल से रंजिश रखता था। यह जानकारी लगते ही राजेन्द्र मार्गों की पुलिस ने सरगर्मी से तलाश करते हुए उसे अभिरक्षा में लेकर कड़ी पूछताछ की।

पहले शराब पिलाई फिर गमछा से घोंट दिया गला :

पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि 5 अक्टूबर को अपनी पत्नी से फोन करवा कर रूपलाल को अमेरा गांव बुलाया। जिसे ग्राम जमगांव ले जाकर पहले तो शराब पिलाई। छोटू बर्मन के नशे की हालत में जामगांव से अमेरा आते समय रास्ते में रूपलाल का गमछा से गला घोटकर और सिर पर पत्थर पटक कर हत्या कर दी। कच्ची रोड पुलिया के नीचे फेंक दिया और सीधे घर चला दो आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना के वक्त पहने हुए कपड़े मोबाइल जिससे पत्नी की बात कराई थी, जप्त करते हुए आरोपी राजेंद्र मार्ग को (31) की प्रकरण में विधिवत गिरफ्तारी करते हुए न्यायालय में पेश किया।

आरोपियों को गिरफ्तार करने में इनकी रही उल्लेखनीय भूमिका :

उक्त अंधी हत्या का 02 दिन के अंदर पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी कुण्डम, उप निरीक्षक निवेदिता सोनी, प्रधान आरक्षक गोवर्धन ठाकुर, रूपसिंह कुशराम ,वरिष्ठ आरक्षक 236 कमल सिंह, जागेश्वर उपाध्याय, आरक्षक राज नागवंशी, धर्मवीर सिंह, गंगाराम कुशवाहा, प्रिंस कुमार, भीमू सोनवंशी, तीरथ मरकाम, रमेश, कीरत सिंह रघुवंशी, महिला आरक्षक स्तुती पांडे, सायबर सेल टीम प्रभारी श्री नीरज नेगी, आरक्षक आदित्य, अमित पटेल की सराहनीय भूमिका रही ।