टीडीएस कटौती भारी पड़ेगी इनकम टैक्‍स की घटी दरों पर

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नई दिल्‍ली@ 2.5 लाख से 5 लाख रुपए तक की इनकम वालों के लिए बजट प्रस्‍ताव में घटाए गए इनकम टैक्‍स रेट का पूरा फायदा उन लोगों को नहीं मिल पाएगा जिनका टीडीएस कटता है। ऐसे में तय है कि पहले उन्‍हें टैक्‍स चुकाना होगा और अगले साल इनकम टैक्‍स रिटर्न फाइल कर रिफंड लेना होगा। यानी ऐसे लोगों का पैसा अनावश्‍यक रूप से एक साल तक के लिए फंसा रहेगा।

अगर आपको लगता है कि 80 सी और टैक्‍स छूट के दूसरे विकल्‍पों के यूज से पर आपकी टैक्‍स लायबिलिटी जीरो हो जाएगी तो आप फॉर्म 15 जी और 15 एच भर सकते हैं। ऐसे में आपका टीडीएस नहीं कटेगा। प्रीति खुराना का कहना है कि फॉर्म15 जी और फॉर्म एच साल की शुरुआत में ही भरना चाहिए। अगर आप साल की शुरूआत में ऐसा नहीं कर पाते हैं तो किसी भी तिमाही की शुरुआत में फॉर्म 15 जी और फॉर्म एच भर सकते हैं। ऐसे में उस तिमाही का टीडीएस नहीं कटेगा।

सीए अतुल गर्ग का कहना है कि जहां पर अनिवार्य रूप से 10 फीसदी टीडीएस कटता है, वहां पर यह दिक्‍कत आ सकती है। कई सारी ऐसी सेवाएं या भुगतान.हैं, जहां 10 फीसदी टीडीएस कटता है। अगर ऐसे लोग 5 फीसदी के इनकम टैक्‍स रेट में आते हैं तो उनका ज्‍यादा कटा इनकम टैक्‍स रिटर्न भरने के बाद ही वापस मिलेगा।

अगर कोई बैंक में एफडी करता है, तो बैंक उसके ब्‍याज पर टीडीएस काटते हैं। यह 10 फीसदी की दर से कटता है। लेकिन अगर ऐसे व्‍यक्ति की आय नए बजट प्रस्‍तावों के अनुसार 5 फीसदी इनकम टैक्‍स रेट के ही दायरे में आती हो, तो उस पर टीडीएस के नियम भारी पड़ेंगे। पहले उसे 10 फीसदी के तहत टीडीएस कटवाना पड़ेगा फिर बाद में रिटर्न फाइल करने के दौरान क्‍लेम करके ज्‍यादा कटा टैक्‍स वापस लेना पड़ेगा। यहां पर यह नहीं देखा जाता है कि जिस व्‍यक्ति का टीडीएस काटा जा रहा है वह किस आयकर स्‍लैब में आता है।…