सरकार की छोटी कंपनियों पर मेहरबानी

नई दिल्ली@ वित्तीय वर्ष 2017-18 के बजट में मोदी सरकार ने छोटी कंपनियों पर मेहरबानी दिखाई है। 50 करोड़ रूपये टर्नओवर वाली छोटी कंपनियों के लिए आयकर घटाकर 25 प्रतिशत किया गया है।

बजट में दी गई जानकारी के मुताबिक, 6.94 लाख कंपनियां रिटर्न दाखिल कर रही हैं, जिसमें से 6.67 लाख कंपनियां 50 करोड़ रुपए टर्नओवर की श्रेणी में आती हैं। इस तरह करीब 96 फीसदी कंपनियों को इस टैक्स छूट का लाभ मिलेगा।

स्‍टार्ट अप्‍स को 51 प्रतिशत की शेयरहोल्डिंग बनाये रखने की शर्त में इस आधार पर ढील दी गई है कि मूल प्रोमोटर/प्रोमोटरों की शेयरधारिता जारी रहेगी। इसके अलावा स्‍टार्ट अप्‍स को 5 में से 3 वर्षों के लिए लाभ से जुड़ी कटौती की रियायत को बदलकर 7 में से 3 वर्ष किया जा रहा है।

बैंकिंग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नॉन परफॉर्मिंग असेट्स यानी अनर्जक परिसंपत्तियों (NPA) के प्रावधान को 7.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.5 प्रतिशत करने का प्रस्‍ताव किया है। इससे बैंकों की देनदारी कम होगी।

सभी गैर-अनुसूचित सहकारी बैंकों के एनपीए खातों के संबंध में एक्रूअल आधार की बजाय वास्‍तविक प्राप्ति पर प्राप्‍त होने वाले ब्‍याज पर कर लगाने का प्रस्‍ताव किया गया है। इससे ब्‍याज आय प्राप्‍त न होने पर भी कर भुगतान करने का कष्‍ट समाप्‍त होगा।

एलएनजी (लिक्विफाइड नैचुरल गैस) पर सीमा शुल्‍क को 5 प्रतिशत से घटाकर 2.5 प्रतिशत किया गया है। मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए कुछ वस्‍तुओं के सीमा शुल्‍क और उत्‍पाद शुल्‍क में बदलाव का प्रस्ताव भी किया गया है।

विदेशी कंपनियों को विदेशी वाणिज्यिक ऋण राशियों या बॉण्‍ड तथा सरकारी इक्विटी के ब्‍याज पर पांच प्रतिशत रियायती विद-होल्डिंग की छूट है। यह रियायत 30 जून, 2017 से बढ़ाकर 30 जून, 2020 तक बढ़ा दिया गया है।