जिस एसपी को सीएम योगी ने किया था सस्‍पेंड, उस पर लगा हत्‍या के प्रयास का केस

महोबा: यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने महोबा के जिस एसपी को 9 सितंबर को सस्‍पेंड किया था, अब उसके खिलाफ हत्‍या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है. महोबा जिले के कबरई थाने में शुक्रवार की शाम पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) और एक थानाध्यक्ष सहित चार लोगों के खिलाफ गोली लगने से घायल पत्थर व्यवसायी के भाई ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करवाया है. 

बता दें कि पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को निलंबित कर चुके हैं और इनकी संपतियों की जांच सर्तकता अधिष्ठान (विजिलेंस) द्वारा कराये जाने का आदेश दे चुके है. 

महोबा के पुलिस उपाधीक्षक (सीओ) राजकुमार पांडेय ने शनिवार को बताया कि “संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से घायल कबरई के पत्थर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी के भाई रविकांत की तहरीर के आधार पर पूर्व पुलिस अधीक्षक (एसपी) मणिलाल पाटीदार, पूर्व कबरई थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला और सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त के खिलाफ आईपीसी की धारा-387 (जबरन धन वसूली), 307 (हत्या के प्रयास) और 120बी (साजिश रचना) तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा-7/8 के तहत शुक्रवार की शाम ममाला दर्जकर जांच शुरू कर दी गई है.” 

मुकदमा दर्ज कराने वाले रविकांत त्रिपाठी ने शनिवार को बताया, “पत्थर व्यवसायी उसका भाई इन्द्रकांत त्रिपाठी मंगलवार को करीब ढाई बजे बांदा-कबरई मार्ग में घायलावस्था में अपनी कार में पड़ा मिला था, जिसका गंभीर हालत में कानपुर की अस्पताल में इलाज चल रहा है.” रविकांत ने बताया कि “भाई के गले में गोली लगी है और उसकी हालत बेहद गंभीर बनी हुई है.”

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ” (निलंबित) पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार ने उसके भाई से छह लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, न देने पर जेल भेजने या हत्या करवाने की धमकी दी थी. भाई ने सात और आठ सितंबर को सोशल मीडिया में इस आशय का एक वीडियो वायरल किया था और इसके कुछ घंटे बाद ही मंगलवार को वह गोली लगने से घायल हो गया .”

रविकांत ने बताया कि “उसका परिवार दहशत में है और घर से बाहर नहीं निकल पा रहा. पुलिस ने सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किये हैं.” उसने कहा कि “अस्पताल में भी भाई की जान को खतरा है.” गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को महोबा के पुलिस अधीक्षक मणि लाल पाटीदार को निलम्बित कर दिया था . मुख्यमत्रीं ने प्रशासनिक अनियमितता एवं भ्रष्टाचार के मामलों में महोबा के निलंबित पुलिस अधीक्षक की संपत्तियों की जांच विजलेंस के माध्यम से कराने का निर्देश दिया है.

गृह विभाग के प्रवक्ता ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया था कि मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि निलंबित अधिकारी मणि लाल पाटीदार द्वारा की गई अनियमितताओं में संलिप्त पुलिस कर्मियों की अलग से जांच कर उन्हें शीघ्र दंडित कराया जाय. पाटीदार को पुलिस महानिदेशक कार्यालय से संबध्द किया गया है.