मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष आरोग्य निधि का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए: मण्डलायुक्त

#झाँसी: मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष आरोग्य निधि का मण्डल के जिलों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। ग्राम स्तर पर लोगों को इस योजना की जानकारी दी जाए ताकि गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्ति या उनके परिवार के किसी भी सदस्य को अति गम्भीर रोगों के उपचार हेतु आरोग्य निधि से मदद दी जा सके। यह योजना मुख्यमंत्री जी की प्राथमिकता वाले कार्यक्रम में शामिल है।

उक्त उदगार मण्डलायुक्त श्री अमित गुप्ता सभागार ने आयुक्त सभागार में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष के माध्यम से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्ति व उनके परिवार के सदस्य को विशिष्ट गम्भीर रोग के लिए आरोग्य निधि से आर्थिक सहायता प्रदान करने के सम्बन्ध में योजना की जानकारी देते हुए उपस्थित मण्डलीय चिकित्सकों के समक्ष व्यक्त किए। उन्होने ए.डी. हैल्थ, सभी सी.एम.ओ. सहित उपस्थित चिकित्सकों को निर्देश दिए कि जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ डिस्पेन्सरी आदि के माध्यम से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा कोष आरोग्य निधि का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।

योजना की जानकारी वालपेंटिग्स के माध्यम से भी लोगों को दी जाए। उन्होने बताया कि आरोग्य निधि हेतु पात्र व्यक्ति को उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। वह गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाला हो। उसकी आय 24,000 रु0 से अधिक न होने का प्रमाण-पत्र हो तथा रोग से ग्रसित हो, जिसके कारण उसका जीवन संकट में हो। यदि बीपीएल कार्ड नही है तो उसके पास जिला मजिस्टेªट द्वारा प्रदत्त आय प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है।

अमित गुप्ता ने बताया कि जनपद में गठित समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी, सदस्य मुख्य चिकित्सा अधिकारी है। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति अधितम 1,50,000 रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर सकते है। जो अधिकृत चिकित्सालयों/संस्थाओं को धनराशि एकमुश्त दी जा सकेगी। उन्होने बताया कि 1,50,000 रुपये से अधिक के प्रकरण को महा निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ की अध्यक्षता में गठित तकनीकी समिति जिलािधकारी सीधे संदर्भित करेगे।

उन्होने आरोग्य निधि की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश के 11 अधिकृत चिकित्सा संस्थान को चिन्हित किया गया। इसमें एल.एल.बी. मेडीकल कालेज झांसी भी शामिल है। इस निधि के अन्तर्गत ह्दयरोग एवं ह्दय शल्य चिकित्सा, कैंसर, गुर्दा एवं मूत्ररोग, अस्थिरोग, थैलेसीमिया अन्य जैसे इन्ट्रा आक्यूलर लेन्स इम्प्लाट, श्रवणयंत्र, हाइड्रोसिफेलस हेतु शण्टस उपचार शामिल है। इसके साथ ही निम्न जांच भी शामिल है-जैसे अल्ट्रासाउण्ड, रेडियो न्यूक्लोपोलाइड स्कैन्स, एंजियोग्राफी, ई.ई.जी., एम.आर.आई., ई.एम.जी., डाल्पर राइडर्स, सीटी स्कैन सहित यूरोडायनेमिक स्टडीज शामिल है।