कश्मीर से लेकर उत्तर भारत तक ठंड का कहर, कई इलाकों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त

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उत्तर भारत में ठंड का सितम थमने का नाम नहीं ले रहा है, कश्मीर से लेकर उत्तर प्रदेश के साथ कई इलाकों में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है।

श्रीनगर में ठंड ने तीन दशकों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है तो राजधानी दिल्‍ली में न्‍यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया जो मौसम के औसत से चार डिग्री कम था। मौसम विभाग का कहना है कि यह 2014 के बाद से दिल्‍ली में दिसम्‍बर का सबसे ठंडा दिन रहा। दिल्ली सर्दी के साथ ही प्रदूषण की समस्या से भी जूझ रही है।

ये साल में दूसरी बार है जब प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहाI इससे पहले दिवाली के अगले दिन यानी 8 नवंबर को सबसे ज्यादा प्रदूषण थाI उधर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों को सलाह दी है कि वो अगले 3 से 5 दिन तक घर से बाहर निकलने से बचें और निजी गाड़ियों के इस्तेमाल से परहेज करें।

पंजाब और हरियाणा में राजधानी चंडीगढ़ में अब तक मौसम की सबसे ठंडी रात रही। हिमाचल प्रदेश में दिन में मौसम साफ होने और धूप निकलने के बावजूद राज्‍यभर में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में बीती रात लगभग तीन दशक की दिसंबर की सबसे ठंडी रात रही जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया।

अन्‍य राज्‍यों के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से, उत्‍तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सर्द हवाएं जारी हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरा उत्तर भारत कड़ाके की ठंड की चपेट में है। दिल्ली में गुरुवार सुबह कड़कड़ाती ठंड रही और यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मौसम के औसत तापमान से चार डिग्री कम है।

दिल्ली में दरअसल समस्या डबल अटैक की भी है जहां ठंड के साथ साथ प्रदूषण भी है, ये साल में दूसरी बार है जब प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा रहाI इससे पहले दिवाली के अगले दिन यानी 8 नवंबर को सबसे ज्यादा प्रदूषण थाI उधर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों को सलाह दी है कि वो अगले 3 से 5 दिन तक घर से बाहर निकलने से बचें और निजी गाड़ियों के इस्तेमाल से परहेज करें।

जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में बीती रात लगभग तीन दशक की दिसंबर की सबसे ठंडी रात रही जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 7.6 डिग्री सेल्सियस नीचे तक पहुंच गया। घाटी के अधिकतर हिस्सों और लद्दाख क्षेत्र में पारा जमाव बिन्दु से नीचे रहा जिसके चलते जलाशयों तथा जलापूर्ति लाइनों में पानी जम गया। मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार घाटी में विभिन्न जगहों पर रात के तापमान में रिकॉर्ड कमी देखी गई।

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों मनाली तथा काल्पा में बुधवार की रात ताजा बर्फबारी हुई। वहीं, हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति, कुल्लू, किन्नौर, चंबा और शिमला में तापमान लगातार शून्य के निचे रिकॉर्ड किया जा रहा है। इसका असर सबसे ज्यादा आम लोगों को हो रहा है।

पिछले चौबीस घंटों में हिमाचल के लाहौल स्पीति के कैलॉंग की तापमान तो शून्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे तक जा पहूंचा। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 72 घंटों में हालात और बिगड़ सकते हैं। उत्तराखंड की बात करें तो मौसम विभाग का कहना है कि राज्य में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, और अगले 48 घंटों में उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में शीत लहर के साथ पाला गिरने की आशंका है।

पंजाब की बात करें तो जालंधर जिले का आदमपुर सबसे सर्द रहा और यहां का तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया । इसके बाद अमृतसर रहा जहां तापमान एक डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पठानकोट, बठिंडा, हलवारा, फरीदकोट और गुरदासपुर भी भीषण सर्दी की चपेट में है। हरियाणा भी इस ठंड की सितम से अछूता नहीं हैं, हरियाणा में हिसार सबसे अधिक सर्द रहा और यहां का न्यूनतम तापमान 2.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस नीचे है ।

बात उत्तर प्रदेश की करें तो यहां भी पारा काफी नीचे गिर गया है । राज्य के तमाम जिलों में शीतलहर का प्रकोप है । पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में तो पारा एक डिग्री तक गिर गया है । लोग ठंड के इस कहर से परेशान हैं। यह तो तय है कि ठंड का सितम आने वाले कुछ दिनों में अभी सताता रहेगा, लेकिन ऐसे में ज़रूरत होगी ऐसी सावधानियों की जिससे बिमारियां पास न फटकें।