दिल्ली जल बोर्ड ने केंद्र सरकार और MCD के अंतर्गत आने वाली 7 संस्थाओं को बकाया चुकाने के लिए भेजा नोटिस
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नई दिल्ली। दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) ने केंद्र सरकार और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अंतर्गत आने वाली 7 संस्थाओं को दिल्ली जल बोर्ड को 6811 करोड़ का बकाया देने के लिए शो कॉज नोटिस भेजा है। दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने मंगलवार को बताया कि हमने रेलवे, सीपीडब्ल्यूडी, डीडीए, दिल्ली पुलिस और तीनों नगर निगमों को यह अंतिम कारण बताओ नोटिस दिया है।

इस नोटिस के जरिए इन्हें बकाया राशि का भुगतान करने के लिए एक महीने का समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र और एमसीडी के अंतर्गत आने वाली 7 संस्थाओ से दिल्ली जल बोर्ड को 6811 करोड़ का बकाया है। दिल्ली जल बोर्ड ने इन संस्थाओं को शो कॉज नोटिस भेजकर बकाया देने के लिए कहा है। हमें विश्वास है कि सभी संस्थाएं अपने वित्तीय भुगतान कर अपना दायित्व निभाएंगी।

चड्ढा के मुताबिक कारण बताओ नोटिस के साथ ही कार्रवाई के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी इन विभागों को दे दी गई है। भुगतान नहीं किए जाने की सूरत में इन बकायेदार एजेंसियों के पानी और सीवर का कनेक्शन काटा जा सकता है। हालांकि दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि सभी बकायेदार समय से देय राशि का भुगतान कर देंगे और किसी का कनेक्शन काटने की नौबत नहीं आएगी।

बोर्ड के मुताबिक रेलवे को 3200 करोड़ रुपये से अधिक, जबकि सीपीडब्ल्यूडी को करीब 190 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। डीडीए को 128 करोड़ रुपये और दिल्ली पुलिस को 614 करोड़ रुपये का भुगतान करना है। पूर्वी दिल्ली नगर निगम को 49 करोड़ रुपये, उत्तरी दिल्ली नगर निगम को 2400 करोड़ रुपये से अधिक और दक्षिणी दिल्ली नगर निगम को 80 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान करना है। सीवर और पानी समेत जल बोर्ड से हासिल की गई विभिन्न सुविधाओं के एवज में इन एजेंसियों को कुल 6811 करोड़ रुपये का भुगतान करना है।

चड्ढा के अनुसार इनमें से कई बिलों का भुगतान वर्ष 2013-14 से अभी तक नहीं किया गया है। समय-समय पर केंद्र सरकार के इन सभी विभागों और तीनों नगर निगमों को बिलों के बकाए के लिए लगातार नोटिस भेजे गए। इसके बाद कुछ भुगतान भी किए गए, लेकिन 6000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इन विभागों पर बकाया है, जिसका भुगतान जल्द से जल्द किया जाना चाहिए।

चड्ढा ने कहा कि कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण प्रत्येक राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति खराब हुई है। दिल्ली में हम कोरोना की विकट महामारी से लड़ रहे हैं। ऐसे में यदि यह एजेंसियां दिल्ली जल बोर्ड की बकाया राशि का भुगतान समय पर कर दें तो दिल्ली सरकार को कोरोना से निपटने में मदद मिलेगी।