जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये सरकार का नवीकरणीय ऊर्जा पर ज़ोर

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जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा पर ज़ोर का असर दिखने लगा है। पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में सौर और पवन ऊर्जा समेत अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों से बिजली उत्पादन की कुल क्षमता में रिकार्ड 11,788 मेगावाट की वृद्धि हुई है। यह अब तक किसी एक वर्ष में जोड़ी गई सर्वाधिक क्षमता है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के बयान के अनुसार इस क्षमता वृद्धि के साथ अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़कर 70,000 मेगावाट पहुंच गयी है। साथ ही अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन पिछले वित्त वर्ष में 100 अरब यूनिट रहा जो किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है।

इस बारे में बिजली एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा कि अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश तेजी से प्रगति कर रहा है और सरकार वर्ष 2022 तक 1 लाख 75 हज़ार मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अक्षय ऊर्जा ‘विकास व पर्यावरण’ के बीच संतुलन साधने का एक उत्तम जरिया है और हमारी सरकार भावी पीढ़ियों को एक स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर दुनिया सौंपने की दिशा में कार्य कर रही है।