सोरांव नरसंहार कांड : पुलिस लगी है घटना की गुत्थी सुलझाने में

सोरांव (प्रयागराज)। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के सोरांव थाना क्षेत्र के यूसुफपुर सेवईत गांव में विजय शंकर तिवारी के परिवार के सभी पांच सदस्यों की गला रेतकर हत्या किये जाने की घटना से हर कोई स्तब्ध है। लोग यह नहीं समझ पा रहे हैं कि किसकी इतनी बड़ी रंजिश थी कि उसे परिवार के मासूम बच्चों पर भी तरस नहीं आयी और पूरे परिवार को बेरहमी से कत्ल कर दिया।

पुलिस भी घटना की थ्योरी का समझने में जुटी हुई है। हलांकि घटना के पीछे पड़ोस के कुछ लोगों से पुरानी रंजिश की बात बतायी जा रही है पर लोगों के गले यह बात नहीं उतर रही है कि पड़ोस की रंजिश में कोई पूरे परिवार का खात्मा करने की हिम्मत कैसे जुटा पायेगा।

जानकारी के मुताबिक यूसुफपुर गांव में रविवार 5 जनवरी 2020 की सुबह देर तक घर से कोई बाहर नहीं निकला तो पड़ोस के लोगों को अनहोनी कर आशंका हुई। पड़ोसियों ने घर जाकर बाहर से बंद दरवाजा खोला तो घर के भीतर का दृश्य देख हैरान रह गये। घर के भीतर घर के मुखिया 65 वर्षीय विजय शंकर तिवारी, उनके बेटे सोनू उर्फ सोमदत्त तिवारी, बहू सोनी तिवारी और मासूम नाती कान्हा और कुंज के रक्तरंजित शव पड़े थे।

इन सभी की हत्या गला रेतकर की गयी थी। घटना की जानकारी पुलिस को दी गयी तो वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने फांरेसिक जांच के लिए पूरे घर को सील कर दिया है। घटना को लेकर गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। बतातें हैं कि सोनू आटो चलाकर परिवार की आजीविका चलाया करते थे।

करीब सात माह पहले पड़ोस के ही एक परिवार से कुछ विवाद हुआ था जिसमें उन लोगों ने सोनू को मारा पीटा था। इस मामले को लेकर सोनू ने सोरांव थाने में प्रार्थना पत्र दिया था किन्तु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। सोनू ने परिवार की जान को खतरा भी बताया था किन्तु पुलिस ने सोनू की बात को गंभीरता से नहीं लिया। घटना के पीछे की एक कड़ी लोग इससे भी जोड़कर देख रहे हैं।

लालगंज के अधिवक्ता आशीष तिवारी के बहनोई थे सोनू
सोनू तिवारी प्रतापगढ़ जिले के लालगंज तहसील में संयुक्त अधिवक्ता संघ के महामंत्री आशीष तिवारी के बहनोई थे। इस घटना में आशीष तिवारी की बहन, बहनोई और भांजे सभी की हत्या कर दिये जाने की घटना को लेकर अधिवक्ताओं में रोष है।