आरएसएस की मानसिकता से ही चलेगा देश: स्वतंत्रदेव सिंह

आगरा@ आज योगी सरकार के परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह आगरा पहुंचे. परिवहन मंत्री ने जिले के सर्किट हाउस में प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। समीक्षा बैठक में परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को सख्त दिशा निर्देश देते हुए सही तरह से काम करने के आदेश दिए। इसके बाद पत्रकारों से वार्ता करते हुए स्वतंत्रदेव सिंह ने एक विवादित बयान देते हुए कहा कि देश आरएसएस की मानसिकता से ही चलेगा.

प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक:
उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह आज आगरा पहुंचे. जिन्होंने पहले परिवहन से संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस बैठक में परिवहन मंत्री ने तीनों विभागों के राजस्व बढ़ाने और घाटे को कम करने के दिशा निर्देश जारी किए।

आगरा में समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने जहाँ विपक्षियों पर जमकर हमला किया, वहीं अपने एक बयान से अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया.

अखिलेश के सरकारी आवास की टोटी तोड़े जाने पर दिया बयान:
स्वतंत्रदेव सिंह ने अखिलेश यादव के पुराने बगले में तोड़फोड़ ओर टोंटी ले जाने के मामले पर तंज कसते हुए कहा कि आज तक इतिहास में नहीं सुना कि कोई मंत्री, विधायक ने टोंटी चुराई हो, जबकि लगातर पूर्व मंत्री अखिलेश यादव पर टोंटी तोड़ने का सरकारी आवास में आरोप लग रहा है. उन्होंने अखिलेश यादव के सरकारी आवास में टोटी के तोड़े जाने वाले मुद्दे पर उनकी काफी किरकिरी की.

परिवहन ने कहा कि मैंने नहीं देखा कि किसी मुख्यमंत्री आवास में टोटी तोड़ी गयी हो, ये जांच का विषय है. इसलिए राज्यपाल ने जांच के लिए लिख दिया हैं. उन्होंने कहा कि जांच में सब पता चल जायेगा.

आरएसएस की मानसिकता से देश चलेगा:
इतना ही नहीं अखिलेश यादव के राज्यपाल पर आरएसएस की मानसिकता से काम करने वाले आरोप पर परिवहन मंत्री ने उलटे ही कह दिया कि आरएसएस की मानसिकता से ही देश चलेगा.

उन्होंने कहा कि आरएसएस की मानसिकता और बीजेपी की मानसिकता दो हीं हैं. पूरी दुनिया योग करे और सूर्य नमस्कार करे इसके लिए मोदी जी ने कदम बढ़ा दिया हैं और पूरी दुनिया ने स्वीकार कर लिया हैं.

वहीं उन्होंने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सपा और बसपा सरकार में परिवहन और आरटीओ विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर था तो वहीं विभाग भी राज्य के प्रति ज्यादा गंभीर नहीं थे. सपा-बसपा का खामियाजा भाजपा सरकार को भुगतना पड़ रहा है.