उपराष्ट्रपति ने युगांडा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कल नील नदी के उद्गम पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की जहां 1948 में उनकी अस्थियों का एक हिस्सा प्रवाहित किया गया था।  उपराष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रपिता भारत और अफ्रीका के बीच की सबसे मजबूत कडि़यों में से एक हैं। युगांडा पहुंचे उपराष्ट्रपति अंसारी ने जिंजा में महात्मा की प्रतिमा को पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद पौधा भी लगाया। जिंजा युगांडा में भारतीय समुदाय का एक केन्द्र है।

अपनी युगांडा यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने अपने समकक्ष के साथ मुलाक़ात की और द्विपक्षीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा की। उपराष्ट्रपति ने युगांडा के राष्ट्रपति मुसेवेनी से भी मुलाक़ात की। भारत ने फ़ैसला किया है कि वह युवाओं को वोकेशनल ट्रेनिंग, अंतरिक्ष तकनीक में प्रशिक्षण देने और परमाणु उर्जा के शांतिपुर्ण प्रयोग के क्षेत्रों में युगांडा की मदद करेगा।

इससे पहले उपराष्ट्रपति ने अपनी रवांडा यात्रा में तीन महत्वपूर्ण समझौते किए थे। इन समझौतों के तहत नई खोज के क्षेत्र में दोनों देश किगाली में एक उद्यमिता विकास केंद्र की स्थापना करने जबकि उड्डयन क्षेत्र में रवांडा एयर आने वाले महीनों में भारत के लिए सेवाएं शुरू करने और दोनों देश राजनयिक और आधिकारिक पासपोर्ट धारकों की वीजा जरूरत पर पारस्परिक तरीके से छूट देने के लिए तैयार हुए थे।