नहरों में तोड़ फोड़ करने वालों पर होगी F.I.R.

जबलपुर@ जिले में कृषि की उत्पादकता और सिंचाई का रकबा बढ़ाने के मकसद को लेकर आज कलेक्टर महेश चन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई जल उपभोक्ता संस्थाओं की बैठक में रानी अवंती बाई सागर परियोजना के अधिकारियों को बरगी बांध की नहरों की मरम्मत, संधारण एवं साफ-सफाई के निर्देश दिये गये तथा नहरों के अंतिम छोर को तालाबों अथवा नदी-नालों से जोड़ने की कार्ययोजना तैयार करने कहा। कलेक्टर ने इस बैठक में जल उपभोक्ता संस्थाओं के पदाधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की फसल लेने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। पिछले वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग और उड़द की अच्छी पैदावार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी में वृद्धि हो इसके लिए यह जरूरी है कि ग्रीष्मकालीन फसल के रकबे को और बढ़ाया जाये। कलेक्टरने कहा कि किसानों को ग्रीष्मकालीन फसल की सिंचाई के लिए भी बरगी की नहरों से पानी उपलब्ध कराया जायेगा।सिंचाई का रकबा बढ़ाने के लिए जहां नहरों की मरम्मत और साफ-सफाई के रानी अवंती बाई सागर परियोजना के अधिकारियों को निर्देश दिये वहीं नई नहरों के निर्माण की जरूरत भी बताई। उन्होंने कहा कि किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बरगी नहरों की सिंचाई क्षमता का शत-प्रतिशत उपयोग करने की जरूरत है, जबकि अभी इनकी 30 से 35 प्रतिशत क्षमता का ही उपयोग किया जा रहा है।

जल उपभोक्ता संस्थाओं के पदाधिकारियों के सुझाव पर नहरों के अंतिम छोर को तालाबों, नदी अथवा नालों से जोड़ने के काम को अभियान के रूप में चलाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इससे दो फायदे होंगे एक तो वे किसान जिनके खेत नहरों के अंतिम छोर पर पड़ते हैं वो भी वर्ष भर में तीन फसलें ले सकेंगे। उन्हें ज्यादा पानी से फसलों के खराब होने का डर नहीं होगा। दूसरा नहरों का पानी व्यर्थ नहीं बहेगा बल्कि तालाबों या नदी-नालों के जलस्तर और प्रवाह को बढ़ाने में यह सहायक होगा। इससे मछली पालन, पशुपालन एवं अन्य गतिविधियाँ भी बढ़ेंगी। कलेक्टर ने बरगी की नहरों से रिसाव को रोकने पर खास ध्यान देने की हिदायत अधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि सीपेज की बजह से फसलों के खराब होने की आशंका में जो किसान रबी की फसल में पानी की मांग नहीं करते हैं वे भी सिंचाई हेतु पानी की मांग करेंगे और बरगी की नहरों से बारह महीनों पानी छोड़ा जा सकेगा।

बैठक में बरगी की नहरों में तोड़-फोड़ करने या नहरों को काटने की जल उपभोक्ता संस्थाओं के पदाधिकारियों द्वारा की गई शिकायतों को गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि सभी जल उपभोक्ता संस्थायें ऐसे लोगों को चिन्हित कर ग्रामवार और थानावार सूची तैयार कर उपलब्ध करायें जो नहरों को काटने या तोड़ने जैसे कृत्य में लिप्त रहते हैं। ऐसे तत्वों को बाउण्ड ओव्हर किया जायेगा तथा तोड़-फोड करने पर उनके विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की जायेगी।
कलेक्टर ने सभी जल उपभोक्ता संस्थाओं की नियमित रूप से बैठकें आयोजित करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि प्रत्येक दो माह में जल उपभोक्ता संस्थाओं की बैठकें आयोजित की जायें।उन्होंने इसके लिए कैलेण्डर तैयार करने के निर्देश देते हुए चेतावनी दी कि यदि जल उपभोक्ता संस्थाओं की बैठकें नियमित रूप से आयोजित नहीं की जाती है अथवा कैलेण्डर का पालन नहीं किया जाता है तो संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जायेगी। कलेक्टर ने बैठक में उन स्थानों पर जहां नहरों का पानी का भराव होता है, मछली पालन की गतिविधियां शुरू करने के निर्देश भी दिये। उन्होंने नहरों की मरम्मत, साफ-सफाई के कार्य में मनरेगा की राशि का भी उपयोग करने की बात कही।मझौली और शहपुरा क्षेत्र में नहरों की मरम्मत एवं साफ-सफाई तथा नहरों के विस्तार पर खास ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिये।

बरगी की नहरों की मरम्मत और साफ-सफाई के लिए अभी तक किये गये कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने नहरों के संधारण के लिए मिली राशि के उपयोग में अनियमितता बरतने पर रानी अवंती बाई सागर परियोजना के बायीं तट नहर के संभाग क्रमांक-दो में पदस्थ उपयंत्री पवन कुमार खत्री को तत्काल निलंबित करने निर्देश बैठक में दिये। कलेक्टर ने रानी अवंती बाई सागर परियोजना के सभी अधिकारियों को साफ तौर पर हिदायत दी है कि बरगी की नहरों की मरम्मत के लिए मिली राशि का मार्च माह तक शत-प्रतिशत उपयोग हो जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि इस काम के लिए अधिक राशि की जरूरत हो तो भी अधिकारियों को प्रस्ताव तैयार कर मांग करनी चाहिए। रानी अवंती बाई सागर परियोजना के बायीं तट नहर के कार्यपालन यंत्री के.के. तलैय्या, दायीं तट नहर के कार्यपालन यंत्री एस.के. ढिमोले तथा पनागर संभाग के कार्यपालन यंत्री के.एन. अहिरवार भी मौजूद थे।