भारत और चेक गणराज्य के बीच तीन अहम समझौते

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राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द तीन देशों के दौरे पर हैं. अपनी इस यात्रा के आखिरी चरण में राष्ट्रपति कोविन्द चेक गणराज्य में हैं. शुक्रवार को राष्ट्रपति का वहां औपचारिक स्वागत किया गया. इसके बाद चेक गणराज्‍य के राष्‍ट्रपति के साथ भारत के राष्ट्रपति की द्विपक्षीय महत्‍व के मुद्दों पर बातचीत हुई. इस दौरान दोनों देशों के बीच तीन अहम समझौते हुए. जिनमें वैज्ञानिक और औद्योगिक शोध परिषद समेत साइंस एंड टेक्नोलॉजी जैसे अहम विषय शामिल हैं.

तीन देशों की यात्रा के आखिरी चरण में राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द शुक्रवार को चेक गणराज्य़ की यात्रा पर रहे. चेक गणराज्य की अपनी महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान शुक्रवार को भारत और चेक गणराज्य के बीच तीन अहम समझौतों पर दस्तखत हुए.

पहला डिप्लोमेटिक पासपोर्ट धारकों के लिए वीजा छूट से जुड़ा समझौता है. दूसरा 2019-22 के बीच दोनों ही देशों के बीच के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग, शिक्षा मंत्रालय और युवा एवं विज्ञान मंत्रालय के बीच संयुक्त योजना को मदद प्रदान करना और तीसरा विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में चेक अकादमी ऑफ साइंस और सीएसआईआर के बीच सहयोग से जुड़ा समझौता शामिल है.

इस मौके पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्द ने कहा कि चेक गणराज्य भारत की विकास गतिविधियों में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की रक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए भारत चेक गणराज्य में रक्षा सहयोग की असीम संभावनाएं हैं. उन्होंने चेक गणराज्य की रक्षा कंपनियों से भारत में निवेश संभावनाओं का फ़ायदा उठाने की अपील की.

इससे पहले चेक गणराज्य की यात्रा के दौरान शुक्रवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राजधानी के प्राग कैसल में औपचारिक तौर पर स्वागत किया गया. इससे पहले गुरुवार देर शाम प्राग पहुचने पर राष्ट्रपति ने इंडियन बिज़नेस डेलिगेशन से मुलाक़ात की साथ ही भारतीय समुदाय के लोगों ने उनका स्वागत भी किया.

राष्ट्रपति के स्वागत में चेक रिपब्लिक के गायकों ने हिंदी मे किशोर कुमार और मोहम्मद रफ़ी के गाए गाने को गाकर राष्ट्रपति को सुनाया. राष्ट्रपति ने कहा कि भारत चेक गणराज्य के साथ विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मज़बूत बनाने के लिये तत्पर है. दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश के क्षेत्र में कारोबार बढ़ाने की काफी संभावनाएं मौजूद हैं.

इससे पहले 1996 में शंकर दयाल शर्मा राष्ट्रपति के रूप में चेक गणराज्य गए थे. उम्मीद की जानी चाहिए कि राष्‍ट्रपति की इस यात्रा से भारत ओर चेक गणराज्‍य के संबंध और भी मज़बूत होंगे.