शिमला में तिब्बती लोगों ने SFF के जवानों का जोरदार स्वागत कर किया रवाना

शिमला: भारत-चीन सीमा के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के लिए निकले विशेष सीमावर्ती बल (एसएफएफ) के जवानों का शिमला में तिब्बती समुदाय के सदस्यों ने जोरदार स्वागत किया. जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए एकत्रित हुए लोगों ने निर्वासित तिब्बत सरकार के झंडे के साथ हाथों में तिरंगा लेकर भारत माता की जय के नारे लगाए. तिब्बती समुदाय के लोग सैनिकों के प्रति सम्मान के तौर पर अपने साथ पारंपरिक सफेद कपड़ा लिए हुए दिखे.

इस दौरान उन्होंने नारे लगाए और भारत-तिब्बत मित्रता को दर्शाने वाले गीत भी गाए. जवानों की हौसला-अफजाई के लिए पहुंचे लोगों में से एक ताशी फंटसोक ने कहा, “चीनी सेना की ओर से लगातार की जा रही घुसपैठ को रोकने के लिए हमारे भाइयों द्वारा भारतीय सीमाओं की रक्षा करते हुए देखना एक शानदार क्षण है.”

उनके दोस्त नोरबू वांग्याल ने कहा, “यह निर्वासन में हमारी मेजबानी करने के लिए भारत का आभार व्यक्त करने का अवसर है.” उन्होंने कहा कि तिब्बती उच्च पहाड़ी में चीनी सैनिकों का मुकाबला करने के लिए आनुवंशिक रूप से मजबूत हैं.

चीन के खिलाफ 1962 के युद्ध के बाद एसएफएफ का गठन किया गया था. शुरूआत में इस सुरक्षा बल में केवल तिब्बती शामिल थे, लेकिन बाद में गोरखाओं को भी शामिल किया गया. इसकी इकाई चीनी सीमा के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा के कुछ प्रमुख उच्च ऊंचाई वाले मोचरें पर तैनात है.