निजी अस्पताल एवं होटलों के बीच होगा टाई-अप, होटल में रहकर भी मिलेगी कोरोना ईलाज की सुविधा

जबलपुर । कोरोना के बिना लक्षण अथवा माईल्ड लक्षणों वाले मरीज होटल में रहकर भी अपना ईलाज करा सकेंगे। निजी अस्पताल और होटलों के बीच आपसी समन्वय से देश के कुछ राज्यों और प्रदेश के एक-दो शहरों में कोरोना मरीजों के उपचार के इस मॉडल को मिल रही सफलता को देखते हुये जबलपुर में भी इसे अपनाने जिला प्रशासन ने प्रयास शुरू कर दिये हैं । इस सिलसिले में आज सोमवार को कलेक्ट्रेट में बुलाई गई बैठक में निजी अस्पताल और होटल संचालकों से आपस में सहमति बनाकर कोरोना मरीजों का शीघ्र उपचार शुरू करने कहा गया ।  कलेक्टर भरत यादव ने बैठक की अध्यक्षता करते हुये कहा कि होटल में रहकर ईलाज कराने के इच्छुक एसिम्प्टमेटिक एवं माईल्ड सिम्प्टम्स वाले कोरोना मरीजों को यह सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा की कोरोना के मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुये अब यह जरुरी भी हो गया है कि निजी अस्पतालों की सहायता से ऐसे मरीजों को होटल में उपचार की सुविधा दी जाये जो खुद अपने खर्च पर यह चाहते हों । उन्होंने कहा कि  इससे शासकीय अस्पतालों का बोझ भी कम होगा तथा वहां कोरोना के गम्भीर रोगियों को बेहतर ईलाज दिया जा सकेगा ।

कलेक्टर ने बैठक में कहा कि होटल में आइसोलेशन में रहकर ईलाज कराने के इच्छुक कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों के लिये निजी अस्पोताल संचालक और होटल संचालक आपस में चर्चा कर पैकेज तय कर लें । निजी अस्पताल के चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टॉफ ऐसे मरीजों के स्वास्थ पर नियमित रूप से निगरानी रखे तथा उन्हें चिकित्सकीय परामर्श और दवायें भी उपलब्ध करायें। स्वास्थ सबंधी कठिनाई आने पर उन्हें तत्काल अस्पताल में शिफ्ट करने के इंतजाम भी हों। श्री यादव ने होटल संचालकों से भी कहा कि उन्हें अपने हॉउस कीपिंग स्टॉफ को ट्रेंड करना होगा और आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीज को चिकित्सकों की सलाह के मुताबिक भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी करनी होगी।

कलेक्टर ने बैठक में निजी अस्पतालों और होटल संचालकों की शंकाओं का समाधान भी किया । उन्होंने कोरोना मरीजों को आइसोलेशन और उपचार की सुविधा देने वाले होटल एवं निजी अस्पताल संचालकों को प्रशासन की ओर से हर सम्भव सहयोग का आश्वाशन भी दिया । 

कोरोना मरीजों का उपचार प्रारम्भ नहीं करने वाले निजी अस्पतालों पर होगी कार्यवाही:-

बैठक में कलेक्टर श्री यादव ने सीएमएचओ को उन निजी अस्पतालों को नोटिस जारी करने कहा है  जो प्रशासन के निर्देशों के बावजूद कोरोना मरीजों को उपचार के लिये भर्ती नहीं कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि स्वास्थ विभाग की टीम ऐसे निजी अस्पतालों का निरीक्षण करे और वहाँ कोरोना मरीजों के उपचार हेतु की गई व्यवस्थाओं की जाँच भी करे । बैठक में कुछ निजी अस्पताल संचालकों ने बताया था कि दो या तीन अस्पतालों को छोड़कर प्रशासन के निर्देशों के बावजूद अभी भी अधिकांश अस्पताल कोविड पेशेंट को अपने यहाँ भर्ती नहीं कर रहे हैं । 

श्री यादव ने निजी अस्पताल संचालकों से उनके यहाँ भर्ती मरीजों कोरोना का टेस्ट कराने   प्राइवेट पैथालॉजी लैब से टाई-अप करने की सलाह भी दी है । उन्होंने बताया कि जबलपुर में एक पैथालॉजी लैब को कोरोना टेस्ट की अनुमति मिल गई है जबकि कुछ पैथॉलॉजी सेंटर सेम्पल कलेक्शन कर आईसीएमआर द्वारा अधिकृत पैथालॉजी लैब को परीक्षण हेतु बाहर भेज रहे हैं । श्री यादव ने निजी पैथोलॉजी सेंटर के संचालकों को कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट नियमित तौर पर सीएमएचओ ऑफिस को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये हैं ताकि कोरोना पॉजिटिव व्य क्तियों की समय पर अस्पातालों में शिफ्टिंग की जा सके और उनका उपचार प्रारंभ किया जा सके। उन्हो नें निजी अस्पतालों से भी कहा है कि स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किये गये कोरोना मरीजों की जानकारी समय पर स्वास्थ विभाग को उपलब्ध कराई जाये ।  बैठक में अपर कलेक्टर हर्ष दीक्षित, डॉ जीतेन्द्र जामदार, डॉ राजेश धीरावाणी, सीएमएचओ डॉ रत्नेश कुररिया, मेट्रो हॉस्पिटल के संचालक सौरभ बड़ेरिया, सिटी हॉस्पिटल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा, होटल एसोसिएशन की ओर से अमरजीत सिंह छाबड़ा, डॉ धीरज दवन्डे, जेटीपीसी के सीईओ हेमंत सिंह भी मौजूद थे । बैठक में कलेक्टर ने निजी अस्पतालों के आसपास स्थित होटलों की मैपिंग करने के निर्देश भी दिये हैं ।

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