मलेरिया-डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सलाह

भोपाल। मध्यप्रदेश में मौसम फिर से बदलने लगा है और तेज धूप के साथ गर्मी की भी शुरुआत हो गई है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों के लिए मलेरिया-डेंगू और चिकुनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव की सामयिक सलाह जारी की है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वंदना खरे ने बताया कि मलेरिया-डेंगु-चिकुनगुनिया बीमारी से बचने हेतु कोई भी बुखार आने पर तुरन्त पास के स्वास्थ्य केन्द्र में रक्त पट्टी बनवाकर जांच करवाए साथ ही मच्छरों से बचने हेतु निम्न उपाय अपनाएं जाए।

अपने घरों के आस-पास नालियों एवं गढ्ढों में पानी एकत्रित न होने दें। रूके हुए पानी में सप्ताह में एक बार मिट्टी का तैल अथवा अपने दुपहियें वाहनों का जला हुआ तैल अवश्य डालें। ऐसा करनें से मच्छरों की उत्पत्ति रुकती है। पानी की टंकी, नांद, कुलर, ड्रम का पानी व अन्य एकत्रित पानी सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें एवं पानी ढंक कर रखें। सप्ताह में एक बार अपने कुलर का पानी खाली कर, पुन: सुखाकर पानी भरें। हैंड पम्प के आसपास पानी इक्कठा न होने देवें, नाली बनाकर बहा दें। सेप्टीक टेंक खुला नही रखें एवं टेंक के गैस पाईप के उपर मच्छरजाली लगाएं।

शाम को घरों में नीम की पत्तियों का धुंआ करें एवं नीम का तैल लगावें। रात में सोते समय मच्छरदानियों का उपयोग करें, क्योकि मलेरिया फैलाने वाले मच्छर रात में ही काटते हैं। पूरी बांह (लम्बी आस्तीन) के कपड़े पहने। नारियल/सरसों के तैल में नीम का तैल मिलाकर शरीर के खुले हिस्से पर लेप करें। बुखार आने पर स्वयं किसी दवाई का सेवन न करें, शीघ्र ही नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर खुन की जांच कराकर उपचार लें। खून की जांच कराने की सुविधा समस्त शासकीय चिकित्सालयों, डिस्पेंसरी, आयुर्वेद औषधालय, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं आशा कार्यकर्ताओं के पास उपलब्ध है।