टॉयलेट एक प्रेम कथा

स्वच्छता मिशन ने समाज के हर तबके ने अपनी भागीदारी निभाई है और एेसे में इन दिनों चर्चा में है हिन्दी फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा जहां पहली बार बालीवुड अंदाज़ में खुले में शौच की समस्या को दर्शाया गया है

71वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मनाया जा रहा है खुले में शौच से आजादी सप्ताह और एेसे में सुर्खिंयां बटोर रही है हिन्दी फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा जहां हास्य और व्यंग के ज़रिये शौचालय जैसे सामाजिक मुद्दे को उठाया गया है।

फिल्म यूपी के एक छोटे से गांव की है जिसमें ये दिखाया गया है कि कैसे आज भी इस देश के कई इलाकों में शौचालय नहीं हैं, जिसके कारण एक महिला को कितनी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फिल्म में अक्षय कुमार , भूमि पेडनेकर और अनुपम खेर मुख्य भूमिका में हैं।

ये फिल्म सच्ची घटनाओं से प्रेरित है। फिल्म में शौचालय निर्माण को महिलाओं के आत्मसम्मान से जोड़ा है। उनके स्वास्थ और सुरक्षा के लिहाज़ से भी यह इसे महत्वपूर्ण बताकर फिल्म के कई दृश्य दर्शाए गए है।

स्वच्ता मिशन के तहत पिछले तीन साल में 62 .45 प्रतिशत ग्रामीण इलाकों में शौचालय बनाये गये हैं। उम्मीद है टॉयलेट में एक प्रेम कथा इस आंदोलन को आगे बढ़ाने में और लोगों की सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।