देश की आजादी के दिन कंस की धरा पर आज रात कृष्ण जन्म से आजादी की एक किरण चमकी

मथुरा । आज से पांच हजार साल पहले इसी दिन कंस की कारा में आजादी की एक किरण चमकी फिर वह पूरे विश्व की चेतना पर छा गई। आज उसी घटना को देखने लाखों आंखें जुटीं हैं। संयोग से देश की आजादी के दिन कंस की धरा पर आज रात कन्हाई जन्म हो रहा है। हर तरफ जयकन्हैयालाल की गूंज हो रही है। घंटे घड़ियाल बज रहे हैं। लोगो उत्साह में नृत्य और गान कर रहे हैं। अत्याचार के खिलाफ उजाले की पहली किरण फूटने वाली है। जन्मभूमि पर शंख, घडियाल और करतल ध्वनि के बीच ब्रज में जन्माष्टमी के कार्यक्रम की आज पुष्पांजलि के साथ सुबह साढ़े दस बजे शुरुआत हो चुकी थी।

कृष्ण जन्मभूमि जहां कभी कंस का कारागार था आज भव्य मंदिर है। इसी मंदिर के प्रांगण में कान्हा का जन्मदिन देखने भारी भीड़ जुटी। जगमग रोशनी से प्रदीप्त विशाल प्रांगण और भागवत भवन में नंद के आनंद की गूंज है। कंस के अत्याचार के खिलाफ पूरे ब्रज की रीढ़ को सीधा कर सीना तान खड़े करने वाले कनुआ का जन्मदिन बनाने देश-विदेश से लोग आए हैं। प्रात: मंगला आरती के साथ ही भागवत भवन स्थित लाला के विग्रह के पट खोल दिए गए। सुबह से ही लाला के जन्मदिन के कार्यक्रम शुरू हो गए। महंत नृत्यगोपाल दास, कार्ष्णि गुरु शरणानंद महाराज की मौजूदगी में सुबह साढ़े दस बजे पुष्पांजली के साथ दिनभर के कार्यक्रम का आगाज किया गया। भागवत विदुषी कीर्ति किशोरी जी ने भक्ति संगीत एवं भावमयी रासलीला के साथ पुष्पांजलि अर्पित की। कुसुम बेलि परिधान में सजे लाला की दिव्य छटा देखने को मंदिर में श्रद्धालु सुबह से ही कतारबद्ध दर्शन कर रहे हैं।

इस मौके पर महंत नृत्य गोपाल दास और गुरु शरणानंद ने कहा कि मथुरा में रहने वाले भाग्यशाली है कि उन्होंने इस धरा पर जन्म लिया। दिन भर कृष्ण लीलाओं का प्रांगण में मंचन किया जाएगा। शाम पांच बजे भगवान श्रीकृष्ण की भव्य शोभायात्रा संकीर्तन के साथ भरतपुर गेट से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य बाजारों से होकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान तक जाएगी। रात 12 बजे स्वर्ण जड़ित चांदी की गाय से भगवान का दुग्धाभिषेक कर जन्म की घोषणा की जाएगी। अभिषेक का यह कार्यक्रम आधा घंटे तक चलेगा।