आतंकी अब्दुल करीम टुंडा पर सोनीपत कोर्ट आज सुनाएगा फ़ैसला

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सोनीपत शहर में वर्ष 1996 में सिलसिलेवार दो बम धमाके करने के मामले में आरोपी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. सुशील गर्ग की अदालत में पेशी हुई। जहां पर दोषी करार दिया गया उसे गाजियाबाद पुलिस कड़ी सुरक्षा में लेकर पहुंची।

गवाही पहले ही पूरी होने के बाद सोमवार को अब्दुल करीम टुंडा दोषी करार दिया गया है। उसने घटना के समय पाकिस्तान में होने की बात कही है। मामले में कुल 46 लोगों की गवाही हो चुकी है। कुख्यात आतंकी को दिल्ली पुलिस द्वारा अगस्त, 2013 में नेपाल की सीमा से गिरफ्तार किया गया था।

अब्दुल करीम टुंडा पर सोनीपत में 28 दिसंबर, 1996 को बम ब्लास्ट करने का आरोप है। उस दिन शाम के समय पहला धमाका बस स्टैंड के पास स्थित बाबा तराना सिनेमा के निकट तथा दस मिनट बाद दूसरा धमाका गीता भवन चौक स्थित गुलशन मिष्ठान भंडार के पास हुआ था। धमाके में करीब एक दर्जन लोग घायल हुए थे।

पुलिस ने इस संबंध में इंदिरा कालोनी निवासी सज्जन सिंह के बयान पर मामला दर्ज किया था। सज्जन सिंह ने बताया था कि वह अपने साथी अनिल के साथ फिल्म देखने आया था। इसी दौरान हुए धमाके में वह तथा 11 अन्य लोग घायल हुए थे।

पुलिस ने इस संबंध में तीन आरोपियों गाजियाबाद निवासी अब्दुल करीम टुंडा व उसके दो साथियों अशोक नगर पिलखुआ निवासी शकील अहमद और अनार वाली गली तेलीवाड़ा, दिल्ली निवासी मोहम्मद आमिर खान उर्फ कामरान को नामजद किया था।

पुलिस ने शकील और कामरान को वर्ष 1998 में गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन टुंडा घटना के बाद फरार हो गया था। उसे बाद में दिल्ली पुलिस ने काबू किया था। मामले में सभी गवाही हो चुकी है। मामले में सुनवाई के बाद शकील व कामरान बरी हो चुके हैं।