ट्रम्प ने भारतीय उद्योग को दिया निवेश का न्यौता, कानून सरल बनाने का किया वादा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को भारतीय उद्योग को अपने देश में और अधिक निवेश करने का न्यौता दिया. साथ ही कारोबार से जुड़े कायदे-कानून के अंकुश को और कम करने का वादा किया. ट्रंप सरकार अमेरिकी अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए और अधिक वैश्विक निवेश आकर्षित करना चाहती है. भारतीय उद्योगपतियों के साथ बैठक में उन्होंने अमेरिका में निवेश के लिए नियमन और बेहतर बनाने का आश्वासन दिया.

इस बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी, महिंद्रा समूह के चेयरमेन आनंद महिंद्रा, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन और आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला जैसे भारत के दिग्गज उद्यमी शामिल थे. भारतीय उद्याग जगत ने अमेरिकी राष्ट्रपति को वहां हो रहे अपने कारोबार और निवेश के बारे में जानकारी दी.

ट्रम्प ने कहा, ‘‘मैं आप सभी को धन्यवाद देना चाहता हूं. आपकी सफलता पर बधाई. उम्मीद है कि आप अमेरिका आएंगे और निवेश करेंगे. मैं इस निवेश को अरब डॉलर के रूप में नहीं देखता बल्कि रोजगार सृजन के रूप में देखता हूं.’’ उद्योग जगत ने जब कहा कि अमेरिका में खासकर प्रशासनिक और विधायी माहौल में नियामकीय चुनौतियों बनी हुई हैं, ट्रम्प ने कहा, ‘‘कुछ नियमनों को सांविधिक प्रक्रिया से हटाया जाना है…हम कई सारे नियमन को समाप्त करने जा रहे हैं…आपको अंतर दिखेगा और आप इसे अच्छा पाएंगे.’’

उन्होंने कहा कि अमेरिका और भारत की कंपनियों को एक-दूसरे देश में निवेश करने की जरूरत है. सरकारें रोजगार सृजन में केवल सहायता कर सकती हैं और वह निजी उद्योग है, जो वास्तव में नौकरियां देता है. ट्रंप ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. हम यहां रोजगार सृजित कर रहे हैं और वह आपके जरिए वहां रोजगार सृजित कर रहे हैं.

ट्रम्प ने अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन यहां उद्यमियों की बैठक में कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौते पर काम हो रहा है. हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई ब्योरा साझा नहीं किया. भारत यात्रा के बारे में राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यहां आना मेरे लिए सम्मान की बात है. हमने भारत के साथ व्यापार की काफी बात की है. वे हमसे 3 अरब डॉलर मूल्य के हेलीकाप्टर खरीदेंगे.’’