जीएसटी को एक अप्रैल से लागू करने की कोशिश: वित्त मंत्री

केंद्र सरकार ने एक बार फिर से साफ किया है कि वो अर्थव्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिये सख्त फैसले लेने से परहेज़ नहीं करेगी। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि जीएसटी और विमुद्रीकरण जैसे फैसले देश की अर्थव्यवस्था को वापस पटरी पर लाने में मदद करेंगे।

वित्त मंत्री अरुण जेटली जब वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के कारोबारियों और निवेशकों को संबोधित करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने न केवल तमाम आर्थिक सुधारों और सरकार की अहम नीतियों की विस्तार से जानकारी दी बल्कि 500 और 1000 के पुराने नोटों को बंद करने के फैसले के फायदे भी गिनाए।

“जीएसटी- भारतीय अर्थव्यवस्था का सबसे बडा बदलावकर्ता” विषय पर बोलते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी के लागू होते ही देश की अर्थव्यवस्था न सिर्फ तेजी से विकास करेगी बल्कि पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से दुनियां के लिये एक नज़ीर भी बनेगी।

देश के सबसे बड़े आर्थिक सुधार माने जा रहे जीएसटी को एक अप्रैल से ही लागू करने की प्रतिबद्धता जताते हुए उन्होंने कहा कि अगर राज्यों के साथ विवादित मुद्दे हल हो जाएं तो केंद्र सरकार अब भी इसे पहली अप्रैल से लागू करने की कोशिश करेगी।

वित्तमंत्री ने कहा कि एक देश एक टैक्स सिस्टम से अर्थव्यवस्था बड़ी तो हो ही जायेगी और साथ ही साफ सुथरी भी होगी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की सातवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और जीएसटी से कारोबार करने वालों को और आसानी होगी। इससे करों की चोरी रोकने में मदद मिलेगी और राज्य सरकारों का राजस्व बढ़ेगा।

केन्द्र सरकार के सख्त आर्थिक फैसलों को देश के लिये निर्णायक करार देते हुए उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण जैसे फैसलों से तात्कालिक दिक्कतें तो हो सकती हैं लेकिन इस प्रकार के फैसलो से देश की अर्थव्यवस्था को दूरगामी फायदे होगें।

उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार के इस फैसले को स्वीकार किया है। वित्तमंत्री ने कहा कि कागजी नोटों के चलन में ज्यादा होने से भी कई दिक्कतें पैदा होती हैं अब डिजिटल अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ते कदम से जटिलताओं में भी कमी आयेगी।

अरुण जेटली ने कहा कि केंद्र में 2014 में आए परिवर्तन कि वजह से भारत विकास कि ओर आगे बढ़ रहा है और मोदी सरकार निर्णायक फैसले ले रही है जिसकी वजह से अर्थव्यवस्ता में पहले से व्याप्त खामियों की लगातार सफाई हो रही है।