राष्ट्रीय पोषण मिशन की स्थापना को केंद्रीय मंत्रीमंडल की मंजूरी

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केंद्रीय मंत्रीमंडल ने राष्ट्रीय पोषण मिशन की स्थापना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत देश के सभी जिलों को शामिल किया गया है। राष्ट्रीय पोषण मिशन के तहत सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि बच्चे का कोई पहचान जरूर हो। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 2017-18 से तीन वर्ष के बजट 90946.17 करोड़ रूपए के के साथ राष्ट्रीय पोषण मिशन (एनएनएम) की स्थापना को मंजूरी दे दी है।

इस मिशन से आने वाले वक्त में 10 करोड़ से अधिक लोगों का लाभ मिलेगा। सभी राज्यों और जिलों को चरणबद्ध तरीके से कवर किया जाएगा अर्थात् 2017-18 में 315 जिलों, 2018-19 में 235 जिलों और शेष जिलों को 2019-20 शामिल किया जाएगा।

यह कार्यक्रम लक्ष्यों के माध्यम से ठिगनेपन, अल्प पोषाहार, रक्त की कमी तथा जन्म के समय बच्चे के वजन कम होने के स्तर में कमी के उपाय करेगा। आईटी आधारित उपकरणों के प्रयोग के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को प्रोत्साहित किया जाएगा जिसमें आंगनवाड़ी को स्मार्ट मोबाइल फोन और सुपरवाइजर को टेबलोइड दिए जाएंगे।

जिससे वास्तविक समय निगरानी प्रणाली को मजबूत करने मदद मिलेगी इस पूरे मिशन को पारदर्शी बनाने के लिए लाभार्थियों को आधार से जोडा जाएगा और आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों को आधार बनवाने के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण मिशन एक सर्वोच्च निकाय के रूप में सभी संबंधित मंत्रालयों की निगरानी में कार्य करेगा।

छह वर्ष से कम आयु के बच्चों और महिलाओं के बीच कुपोषण के मामले से निपटने के लिए सरकार ने कई स्कीमें लागू की हैं। इन योजनाओं के बावजूद देश में कुपोषण तथा संबंधित समस्याओं का स्तर ऊंचा है। राष्ट्रीय पोषण मिशन के जरिए अब इसकों प्रभावी बनाने में खास मदद मिलेगी ।