इलाहाबाद विश्वविद्यालय : अंतिम वर्ष व सेमेस्टर के छात्र देंगे ऑनलाइन परीक्षा, प्रथम,का द्वितीय वर्ष फॉर्मूला लागू

इलाहाबाद विश्वविद्यालय स्नातक (यूजी) अंतिम वर्ष, पीजी व प्रोफेशनल कोर्स के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षा ऑनलाइन कराएगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश और यूजीसी के निर्देश के बाद इविवि प्रशासन ने परीक्षा की तैयारी तेज कर दी है। सोमवार को कुलपति प्रो. आरआर तिवारी की अध्यक्षता में एकेडमिक काउंसिल की बैठक में ऑनलाइन परीक्षा कराने पर मुहर लग गई। छात्र अब घर बैठे ऑनलाइन परीक्षा दे सकेंगे।

इविवि परीक्षा नियंत्रक की ओर से मंगलवार को परीक्षा का विस्तृत कार्यक्रम जारी किया जाएगा। उम्मीद है सितंबर के दूसरे सप्ताह से स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। स्नातक अंतिम वर्ष और परास्नातक एवं विधि पाठ्यक्रम के तकरीबन 20 छात्र ऑनलाइन परीक्षा में शामिल होंगे। अंतिम वर्ष की परीक्षा पहले शुरू होगी। परास्नातक की परीक्षाएं देर से से शुरू करने की तैयारी है। बैठक में परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह, रजिस्ट्रार, सभी डीन और सभी विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

अधिकतम चार घंटे मिलेगा समय

परीक्षा नियंत्रक प्रो. रमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षार्थियों को किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर देने होंगे। परीक्षा के लिए छात्रों को अधिकतम चार घंटे का समय दिया जाएगा। इतने समय में पेपर डाउनलोड करने से लेकर उत्तर पुस्तिका को स्कैन करके अपलोड करना होगा। प्रो. सिंह ने बताया कि परीक्षा के समय पेपर विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। संबंधित छात्र प्रश्नपत्र को डाउनलोड करके प्रिंट ले लेगा। इसके बाद किन्हीं चार प्रश्नों को उत्तर पुस्तिका में हल कर लेगा। उत्तर पुस्तिका को स्कैन कर परीक्षा नियंत्रक के ई-मेल पर भेजना होगा।

प्रायोगिक परीक्षाएं भी होंगी ऑनलाइन
प्रायोगिक परीक्षाएं ऑनलाइन मोड में वाइवा के आधार पर कराई जाएंगी। यदि कोई छात्र किसी पेपर में फेल होता है तो वह इम्प्रूवमेंट परीक्षा भी दे सकता है। इविवि प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोरोना वायरस संक्रमण के चलते यह राहत केवल सत्र 2019-20 के लिए ही प्रभावी है।

प्रथम, द्वितीय वर्ष का फॉर्मूला लागू
स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को द्वितीय वर्ष में प्रोन्नत कर दिया गया है। अब वह द्वितीय वर्ष की कक्षा में उपस्थित हो सकते हैं। इस बीच जब भी सम्भव होगा तो उनकी परीक्षा करा ली जाएगी। यदि ऐसा सम्भव न हो पाया तो सर्दी के अवकाश में परीक्षा कराई जाएगी, जिससे एकेडमिक कैलेंडर प्रभावित न हो सके। इसमें भी दो घण्टे में चार सवाल हल करने होंगे। स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों को भी तृतीय वर्ष में प्रमोट कर दिया गया है। इन छात्रों को विषय चयन की प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद हालात सामान्य होने पर अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में परीक्षा कराई जाएगी। यदि ऐसा सम्भव नहीं हो पाता है तो प्रथम वर्ष के प्रदर्शन के आधार पर द्वितीय वर्ष का परिणाम तैयार किया जाएगा। इसके अलावा द्वितीय, चतुर्थ, छठे और आठवें सेमेस्टर के छात्रों को आकलन स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों की तरह ही किया जाएगा। जिन छात्रों को प्रमोट किया जाएगा उन्हें सात सितम्बर तक फीस जमा करनी होगी।