Unlock 4.0 Guidelines: पूरे देश में 30 सितंबर तक बंद रहेंगे शैक्षणिक संस्थान, जानिए आखिर क्यों है चौथा चरण सबसे ज्यादा अहम?

 सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्य और अन्य मंडली को 100 व्यक्तियों की अधिकतम क्षमता के साथ 21 सितंबर से अनुमति दी जाएगी

Unlock 4.0 Guidelines: कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लॉकबंदी के बाद अब भारत सरकार ने 30 सितंबर तक लागू रहने वाले ‘अनलॉक 4’ के लिए दिशानिर्देशों की घोषणा की है. दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें केंद्र सरकार के परामर्श के बिना कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन नहीं लगाएंगी.

इसके अलावा केंद्र सरकार ने कहा है कि सरकारी आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय / रेल मंत्रालय द्वारा MHA के साथ परामर्श के बाद मेट्रो रेल को 7 सितंबर से क्रमबद्ध तरीके से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. वहीं सामाजिक / शैक्षणिक / खेल / मनोरंजन / सांस्कृतिक / धार्मिक / राजनीतिक समारोह और अन्य मण्डली को 100 व्यक्तियों की अधिकतम क्षमता के साथ 21 सितंबर से अनुमति दी जाएगी.

गृह मंत्रालय ने अनलॉक-4 के लिए दिशानिर्देश जारी किए:-

  • मेट्रो रेल को सात सितंबर से चरणबद्ध तरीके से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी.
  • 21 सितंबर से 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी.
  • स्कूल, कॉलेज, अन्य शैक्षणिक संस्थान 30 सितंबर तक बंद रहेंगे.
  • राज्यों और केंद्रशासित राज्यों के साथ गहन चर्चा के बाद यह फैसला किया गया है कि स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान छात्रों के लिए 30 सितंबर तक के लिए बंद ही रहेंगे.
  • ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग को इजाजत जारी रहेगी और उसे प्रोत्साहित किया जाएगा.
  • राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में 50 प्रतिशत तक शिक्षण, गैर-शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन शिक्षण, टेली-काउंसलिंग से संबंधित कार्य के लिए स्कूलों में बुलाया जा सकता है.
  • सिनेमा हॉल, स्विमिंग पुल, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें (कुछ विशेष मामलों को छोड़कर) अभी भी बंद रहेंगे.

7 सितंबर से चलेंगी मेट्रो, 21 से मिलेंगी ये छूट

इसमें जहां विभिन्‍न क्षेत्रों में 100 लोगों की क्षमताओं के साथ 21 सितंबर से गतिविधियां शुरू की जा सकेंगी, वहीं, मेट्रो आगामी 7 सितंबर से चलने लगेंगी, जिसमें कोरोना संक्रमण के चलते जरूरी बातों का ध्‍यान रखना होगा. दिशानिर्देशों में कहा गया है कि राज्य / केन्द्र शासित प्रदेश की सरकारें केंद्र सरकार के परामर्श के बिना कंटेनमेंट जोन को छोड़कर किसी भी स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन नहीं लगाएंगी.

भारत सरकार के मुताबिक, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय/ रेल मंत्रालय द्वारा MHA के साथ परामर्श के बाद मेट्रो रेल को 7 सितंबर से क्रमबद्ध तरीके से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय (MOHUA) / रेलवे मंत्रालय (MOR) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ परामर्श से मेट्रो रेल को 7 सितंबर से क्रमबद्ध तरीके से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी. भारत सरकार की गाइडलाइंस के मुताबि‍क, Unlock4 सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्य और अन्य मंडली को 100 व्यक्तियों की अधिकतम क्षमता के साथ 21 सितंबर से अनुमति दी जाएगी.

आखिर क्यों है चौथा चरण सबसे ज्यादा अहम?

कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. देश में अब रोजाना 70 हजार से ज्यादा केस सामने आने लगे हैं. ऐसे में इसके प्रसार को रोक पाना काफी चुनौती भरा होगा.

1-6 सितंबर तक देशभर में इंजीनियरिंग की प्रवेश परीक्षा JEE (Main) आयोजित की जाएंगी. वहीं, मेडिकल कॉलेज में इंट्री के लिए होने वाले NEET का आयोजन 13 सितंबर को होगा. इसके अलावा कॉलेज और विश्वविद्यालय अपनी अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित करेंगे, जैसा कि यूजीसी द्वारा निर्धारित किया गया है. इसलिए, सितंबर से अचानक बहुत सारी गतिविधियां एक साथ शुरू हो जाएंगी.

चूंकि परीक्षाएं स्थगित नहीं हुई हैं और अब परीक्षाएं स्थगित होने का कोई मौका नहीं है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन, जो कि अनलॉक-3 तक न्यूनतम क्षमता के साथ काम कर रहा था उसकी क्षमता बढ़ानी होगी. जिससे परीक्षार्थी अपने केंद्रों पर आसानी से और तय समय तक पहुंच सकेंगे.

लोकल और मेट्रो शुरू करने की मांग
हालांकि गृह मंत्रालय ने अभी तक अनलॉक 4 (Unlock 4.0 Guideline) के लिए दिशानिर्देश जारी नहीं किया है और कई राज्य मेट्रो ट्रेनों और लोकल ट्रेनों को फिर से शुरू करने के पक्ष में हैं. एक बार ये सेवाएं शुरू हो जाएंगी तो यह निगरानी करना बेहद महत्वपूर्ण होगा कि कोरोना से संबंधित सभी गाइडलाइंस को ठीक से पालन करवाया जाए. हालांकि यह काफी चुनौतीपूर्ण होगा.

शैक्षणिक गतिविधियां होंगी शुरू
ऐसी संभावना नहीं है कि पहले तीन चरण की तरह ही केंद्र सरकार शैक्षिक संस्थानों को फिर से खोलने का फैसला करेगी. लेकिन Unlock-4 में स्थितियां बदल जाएंगी. शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को ड्यूटी पर रिपोर्ट करने के लिए कहा जा सकता है. कुछ राज्यों में वे स्कूलों से ऑनलाइन कक्षाएं लेंगे. इसके अतिरिक्त, कई स्कूल इन राष्ट्रीय-स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के लिए केंद्र हैं. इसलिए सितंबर से किसी न किसी तरह से शैक्षिक गतिविधियां शुरू हो जाएंगी.

‘बॉर्डर पर कोई रोक नहीं’
गृह मंत्रालय ने हाल ही में सभी राज्यों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लॉकडाउन में ढील की मौजूदा प्रक्रिया के दौरान किसी राज्य के भीतर तथा एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यक्तियों और सामान के आवागमन पर कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए. पत्र में कहा गया है कि ऐसा कोई भी प्रतिबंध गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सीधा उल्लंघन होगा. इसलिए राज्यों को किसी दुविधा के एक राज्य से दूसरे राज्य जाने की अनुमति देनी होगी.

पीक पर पहुंच चुका है कोरोना का कहर!
देश में प्रतिदिन नए COVID-19 मामलों की संख्या अगस्त के अंतिम सप्ताह में सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई है. हालांकि रिकवरी रेट भी बढ़ रही है. हर दिन किए जाने वाले परीक्षणों की संख्या ने सभी रिकॉर्ड भी तोड़ दिए हैं. अब परीक्षणों की संख्या बढ़ाना भारत की COVID-19 रणनीति का केंद्र बिंदु है. जितनी जल्दी मामले का पता लगाया जाता है, संक्रमण को रोकना आसान हो जाता है. इसलिए, बढ़ते मामलों की संख्या के बावजूद, स्वास्थ्य मंत्रालय कह रहा है कि स्थिति गंभीर नहीं है, क्योंकि मरने वालों की संख्या में कमी आई है. यह देखा जाना चाहिए कि सितंबर में फिर से शुरू की गई गतिविधियों के बीच रणनीति कैसे काम करती है.