UP हाथरस कांड में पीड़िता की भाभी की भूमिका निभाने वाली महिला निकली जबलपुर की सरकारी डॉक्टर, जारी होगा शोकॉज नोटिस
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जबलपुर। देशभर में चर्चा का केंद्र रहे उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा जिस महिला के खिलाफ ग्रामीणों को भड़काने और अफवाह फैलाने का मामला दर्ज किया गया, उसका नाम राजकुमारी बंसल बताया गया है और वह जबलपुर में सरकारी डॉक्टर है। आज मीडिया के सामने आकर डॉ राजकुमारी बंसल ने स्वीकार किया कि वह हाथरस गई थी परंतु उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस के आरोपों से इनकार किया।

पीड़िता की भाभी बनकर मीडिया में दिए थे बयान
आरोप लगाया जा रहा है कि डॉ राजकुमारी बंसल ने ना केवल हाथरस उत्तर प्रदेश के उस गांव में जाकर लोगों को भड़काने और अफवाह फैलाने का काम किया बल्कि गैंगरेप पीड़ित लड़की की भाभी बनकर मीडिया को बयान भी दिए थे। सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रहा है जिसमें प्रियंका गांधी एक महिला को सहानुभूति पूर्वक गले लगा रही हैं, कहा जा रहा है कि प्रियंका गांधी से मिली महिला डॉक्टर राजकुमारी बंसल है, पीड़ित परिवार की सदस्य नहीं है।

सहानुभूति जताने हाथरस गई रुकी थीं पीड़िता के घर 

उत्तर प्रदेश पुलिस जिस महिला की तलाश कर रही थी वह मध्यप्रदेश के जबलपुर में मीडिया के सामने आई है। उसने अपना नाम डॉ राजकुमारी बंसल बताया है जो जबलपुर स्थित सरकारी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पदस्थ है। डॉ राजकुमारी बंसल ने कहा कि वह हाथरस गई थी और पीड़ित परिवार से मिली परंतु सहानुभूति व्यक्त करने गई थी। उन्होंने ना तो किसी को भड़काया और ना ही कोई अफवाह उड़ाई। राजकुमारी कहती है वो पीड़ित परिवार की मदद करने ही गयीं थी और ज़रूरत हुई तो फिर जायेंगी मगर वो नक्सली नहीं हैं।

एसआईटी ने जोड़ा है नक्सल कनेक्शन
हाथरस कांड की जांच कर रही एसआईटी के सूत्र बताते हैं कि नक्सली महिला घूंघट ओढ़कर पुलिस और एसआईटी से बातचीत कर रही थी। वहीं घटना के 2 दिन बाद से ही संदिग्ध महिला पीड़िता के गांव पहुंच गई थी। आरोप है कि पीड़िता के ही घर में रहकर वह परिवार के लोगों को कथित रूप से भड़का रही थी। वहीं डॉक्टर ने पीड़ित परिवार से किसी तरह के पारिवारिक संबंध नहीं होना बताया है। कहा कि इंसानियत के तौर पर हाथरस गई। पीड़ित परिवार वालों ने मुझे एक दो दिन रूकने को कहा तो मैं वहां रूक गई। लेकिन अब एसआईटी की टीम मुझे फंसा रही है। उनके मुताबिक उन्होंने हाथरस जाने के लिए विभाग अध्यक्ष को छुट्टी की अप्लाई किया था। हाथरस मामले की जांच कर रही यूपी एसआईटी ने बड़ा खुलासा किया है। टीम ने पीड़िता के घर उसकी भाभी बनकर रह रही म​हिला को नक्सली बताया है। हाथरस में दंगा भड़काने के नक्सल कनेक्शन पर यूपी एसआईटी की जांच पर इसका खुलासा हुआ है।

डॉ राजकुमारी बंसल को जारी होगा शोकॉज नोटिस

हाथरस में पीड़ित परिवार के घर जाने वाली डॉ राजकुमारी बंसल को शोकॉज नोटिस जारी होगा। जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर प्रदीप कसार ने डॉ राजकुमारी बंसल के इस आचरण को शासकीय सेवा नियमों के विपरीत बताया है। उनके मुताबिक शासकीय सेवक इस तरह के आंदोलन में शामिल नहीं हो सकता। उन्हें नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।