यूपी के मुख्यमंत्री के नाम पर सस्पेंस आज होगा खत्म

उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की नई सरकार रविवार को शपथ लेगी। लखनऊ में आज होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा। इस बैठक में वरिष्‍ठ पार्टी नेता और केन्‍द्रीय मंत्री वेंकैया नायडू और पार्टी के राष्‍ट्रीय महासचिव भूपेन्‍द्र यादव पार्टी पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।

कौन बनेगा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री। इस सवाल का जवाब शनिवार शाम को मिलने की उम्मीद है। 18 मार्च को शाम पांच बजे लखनऊ में बीजेपी के नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक होगी। विधायक दल की बैठक के बाद मुख्‍यमंत्री के नाम का ऐलान किया जाएगा।

बैठक में शामिल होने के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर सूचना प्रसारण मंत्री एम वेंकैया नायडू और भूपेंद्र यादव लखनऊ पहुंच रहे हैं। दोनों पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री के नाम पर विधायकों से चर्चा करेंगे। इसके बाद दोनों पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को रिपोर्ट सौंपेगे और वो ही आखिरी फैसला करेंगे। नए नेता के चुनाव के बाद 19 तारीख को शाम पांच बजे से शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किए जाने की भी खबरें हैं।

राज्य में बीजेपी ने अकेले ही 312 सीटें जीती हैं जबकि सहयोगियों के साथ मिलाकर ये संख्या 325 हो जाती है। विधानसभा चुनाव में मिले व्यापक जन समर्थन के बाद पार्टी किसी कद्दावर नेता को ही यूपी की कुर्सी सौंपना चाह रही है लेकिन वो कद्दावर नेता कौन है जिसपर 20 करोड़ से भी ज्यादा उम्मीदों का बोझ संभालने का माद्दा है इस पर लगातार चर्चाओं का दौर जारी है। पार्टी के तमाम नेता खुद को सीएम की रेस में होने से इंकार कर रहे हैं।

यूपी में जिस तरह का जनादेश मिला है वो काफी मायने रखता है। पार्टी को हर वर्ग, धर्म, जाति, संप्रदाय का वोट मिला है और ऐसे में नए सीएम पर भारी जिम्मेदारियां होंगी। केंद्र और राज्य में एक ही सरकार होने से विकास के पहिये के तेज होने की उम्मीद भी बढ़ी है।

विशेष रूप से युवाओं की उम्मीदें आसमान पर है, महिलाओं की सुरक्षा, कानून और व्यवस्था और बुनियादी ढांचागत विकास। वे सभी नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार की योजनाओ के अब यूपी में सही तरीके से लागू होने को लेकर आशान्वित है । ऐसे में नए सीएम के लिए मुख्यमंत्री का पद बेहद चुनौतियों भरा रह सकता है।