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बिना मर्जी के नहीं किया जा सकता वैक्सीनेशन, सर्टिफिकेट भी अनिवार्य नहीं- केंद्र सरकार

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केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि उसके दिशानिर्देशों के अनुसार किसी भी व्यक्ति को उसकी मर्जी के बिना कोरोना वैक्सीन नहीं लगाई जा सकती और किसी भी काम के लिए वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं किया गया है। 13 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि महामारी को देखते हुए अधिक से अधिक लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की गई है, लेकिन इसे अनिवार्य नहीं किया गया है।

सरकार ने किस याचिका के जवाब में दायर किया हलफनामा
केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में हलफनामा दायर कर यह बात कही है। याचिकाकर्ता ने घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का वैक्सीनेशन करने का अनुरोध किया था। सरकार ने बताया कि 11 जनवरी तक दिव्यांगजनों को वैक्सीन की 23,678 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। ये ऐसे लोग हैं, जिन्होंने स्वेच्छा से पहचान पत्र देकर अपनी पहचान दिव्यांग के तौर पर दर्ज कराई है।

वैक्सीनेशन अभियान को पूरा हुआ एक साल
16 जनवरी, 2022 को देश के वैक्सीनेशन अभियान को एक साल पूरा हो गया है। बीते एक साल में देश की करीब 92 फीसदी व्यस्क आबादी को वैक्सीन की एक और 70 फीसदी आबादी को दोनों खुराकें लग चुकी हैं। देश में अब तक आठ वैक्सीनों को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिली है, लेकिन केवल भारत बायोटेक की कोवैक्सिन, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविशील्ड और रूस में निर्मित स्पूतनिक-V का ही इस्तेमाल हो रहा है।

कब किसके लिए खोला गया वैक्सीनेशन अभियान
भारत का वैक्सीनेशन अभियान 16 जनवरी, 2021 को शुरू हुआ और पहले चरण में स्वास्थ्यकर्मियों को वैक्सीन लगाई गई। 2 फरवरी को इसे पुलिस और सफाईकर्मियों जैसे फ्रंटलाइन कर्मचारियों के लिए खोल दिया गया। 1 मार्च से 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ और मई की शुरुआत से 18 साल से ऊपर के सभी व्यस्कों को इसमें शामिल कर लिया गया।

बच्चों का वैक्सीनेशन और बूस्टर खुराक लगना कब शुरू हुआ?
वैक्सीनेशन अभियान शुरू होने के लगभग एक साल बाद 3 जनवरी से देश में बच्चों का वैक्सीनेशन भी शुरू हो गया। अभी देश में 15 से 18 साल के बच्चों को वैक्सीन लगाई जा रही है। 10 जनवरी से अधिक जोखिम वाले समूहों को बूस्टर खुराक भी लगाई जा रही है। स्वास्थ्यकर्मियों, फ्रंटलाइन कर्मचारियों और अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को ये तीसरी खुराक लगाई जा रही है।

वैक्सीनेशन अभियान की क्या स्थिति?
वैक्सीनेशन अभियान की बात करें तो देश में अब तक वैक्सीन की 1,57,20,41,825 खुराकें लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते दिन 39,46,348 खुराकें लगाई गईं। खुराकें लगाने के मामले में दुनियाभर में केवल चीन ही भारत से आगे है।

ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण बढ़ रहे मामले
भारत में बीते दिन कोरोना वायरस से संक्रमण के 2,58,089 नए मामले सामने आए और 385 मरीजों की मौत दर्ज हुई। इसी के साथ देश में कुल संक्रमितों की संख्या 3,73,80,253 हो गई है। इनमें से 4,86,451 लोगों की मौत हुई है। सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 16,56,341 हो गई है। ओमिक्रॉन वेरिएंट के कारण मामलों में यह उछाल देखने को मिल रहा है। देश में आधिकारिक तौर पर ओमिक्रॉन के 8,209 मामले सामने आ चुके हैं।